विशेष आयुक्त ने कहा कि कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए बड़े पैमाने पर तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे, होटलों और निर्धारित समेत अन्य स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है जहां गणमान्य व्यक्तियों का दौरा हो सकता है। अधिकारी ने कहा कि शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल भारत मंडपम में सतर्कता एवं मजबूत उपायों के साथ बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि निर्बाध सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही के दौरान समन्वय के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ बैठकें भी की गई हैं।
विशेष पुलिस आयुक्त अग्रवाल ने कहा कि खुफिया जानकारी को संबंधित एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा तैयारियों के तहत सभी उपलब्ध सूचनाओं का विश्लेषण किया जा रहा है। बल शहर में सुरक्षा आवश्यकताओं और लोगों की दैनिक आवाजाही के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में आयोजित होने वाला है। अधिकारियों ने बुधवार को कहा था कि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही से जुड़े यातायात प्रतिबंध 10 सितंबर से शुरू होंगे और लगभग 14 सितंबर तक जारी रह सकते हैं। समिट में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री, विदेशी प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अधिकारी शामिल होंगे. उनकी सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए पुलिस ने पहले से ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है।
मुख्य बातें-
- ब्रिक्स समिट को लेकर दिल्ली पुलिस का सुरक्षा पर बड़ा प्लान तैयार।
- जरूरत के हिसाब से ट्रैफिक पर लगेगी रोक या किया जाएगा डायवर्जन।
- दिल्ली पुलिस के करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों को किया गया तैनात।
- समिट के दौरान सुरक्षा के लिहाज से कई इलाकों में ड्रोन उड़ाने पर रोक।
एयरपोर्ट से होटल तक कड़ी निगरानी-
विदेशी मेहमानों के एयरपोर्ट पहुंचने से लेकर उनके होटल और कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के दौरान सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाएग। भारत मंडपम और प्रमुख होटलों में एंट्री-एग्जिट की जांच, निगरानी, सर्विलांस और वेरिफिकेशन की व्यवस्था की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को भी तैयार रखा गया है। दिल्ली पुलिस ने आसपास के राज्यों के साथ भी सुरक्षा को लेकर समन्वय किया है, ताकि दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों और लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके।
ड्रोन उड़ाने पर रोक-
समिट के दौरान सुरक्षा के लिहाज से तय इलाकों में ड्रोन या किसी भी तरह के अनधिकृत फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस ऐसे इलाकों में आसमान से होने वाली गतिविधियों पर भी नजर रखेगी।
कंट्रोल रूम से होगी निगरानी-
वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कमांड और कंट्रोल रूम से पूरे सुरक्षा इंतजाम की निगरानी की जाएगी। कैमरों और दूसरे निगरानी सिस्टम के जरिए रास्तों पर नजर रखी जाएगी। किसी जगह इमरजेंसी, एंबुलेंस की जरूरत या अचानक ट्रैफिक समस्या होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने साफ किया है कि सभी रास्ते लगातार बंद नहीं रहेंगे। प्रतिबंध वीवीआईपी मूवमेंट के समय और जरूरत के मुताबिक ही लगाए जाएंगे। आम लोगों से अपील की गई है कि वो प्रभावित रास्तों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।
मेट्रो सेवा पर सामान्य तौर पर रोक नही-
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि ट्रैफिक प्रतिबंधों का मतलब यह नहीं है कि सामान्य आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। प्रभावित न होने वाले रास्तों पर सामान्य ट्रैफिक चलता रहेगा। मेट्रो सेवा पर भी सामान्य तौर पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। हालांकि यात्रियों को संबंधित स्टेशनों और निकास की ताजा जानकारी पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
दिल्ली मेट्रो म्यूजियम कल से 13 सितंबर तक रहेगा बंद
सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम 11 से 13 सितंबर, 2026 तक बंद रहेगा। विजिटर्स 15 सितंबर को आ सकते हैं, क्योंकि 14 सितंबर को साप्ताहिक छुट्टी होती है।