ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन से बाहर होने (ब्रेक्जिट) के फैसले का असर पहले दिन ही भारतीय शेयर बाजार पर दिखा। वहीं शहर की गारमेंट एक्सपोर्ट कंपनियों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा। फैसले के पहले दिन ही उन्हें लाखों का नुकसान हो गया।
बता दें कि जिले में 2000 से ज्यादा एक्सपोर्ट कंपनियां हैं, जो हर दिन विदेशों में अपना करोड़ों का माल सप्लाई करती हैं। इनसे हर वर्ष नोएडा को करीब 2500 करोड़ का बिजनेस मिलता है।
नोएडा गारमेंट एस्पोर्ट प्रमोशन क्लस्टर के अध्यक्ष ललित ठकराल ने बताया कि इस फैसले से सीधे तौर पर गारमेंट एक्सपोर्ट कंपनियों पर प्रभाव पड़ा है। अभी से इसका असर करेंसी पर दिख रहा है। अगर करेंसी पर ज्यादा प्रभाव पड़ेगा तो पहले से दिए गए ऑर्डर में उद्योगपतियों को नुकसान होगा। इससे एक्सपोर्ट ड्यूटी डबल हो जाएगी। वहीं कपड़ा भी महंगा होगा। अलग होने के बाद क्या नियम होंगे, इसके बारे में भी अभी कुछ साफ नहीं है।
वहीं आईआईए के आईटी सेल चेयरमैन, कुलमणि गुप्ता ने कहा कि अगर डॉलर व पाउंड का अवमूल्यांकन होता है तो इससे आईटी, बीपीओ सेक्टर पर बहुत प्रभाव पड़ेगा। इसके बाद तय होगा कि किस करेंसी पर काम किया जा सकता है। जहां फायदा होगा, वहीं पर काम किया जाएगा। आने वाले टाइम में इस बारे में पता चलेगा। वैसे बीपीओ सेक्टर में ज्यादा काम अमेरिका से आता है।
इधर, इंडियन इंडस्ट्री से जुड़े एनके खरबंदा ने बताया कि इसका अभी ज्यादा प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा। अभी जो शेयर बाजार में हलचल हुई है, वो धीरे-धीरे ठीक हो जाएगी। अभी ब्रिटेन को स्टेबल होने में 2 से 3 साल का समय लग जाएगा। ये फैसला भारती के लिए सकारात्मक भी हो सकता है। भारत ब्रिटेन में बिजनेस बढ़ सकता है। वहीं आईटी सेक्टर के जानकार मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन से अलग होने से आईटी-बीपीओ को कोई नुकसान नहीं होने वाला है। ब्रिटेन यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। हो सकता है कि आने वाले समय में सकारात्मक प्रभाव पड़े।
निर्यातकों को ऑर्डर कैंसल का खतरा
पहले पाउंड 100 रुपये चल रहा था। ब्रिटेन के अलग होने के फैसले के बाद से ही वह डाउन हो गया है। इससे सीधे-सीधे उद्योगपतियों को नुकसान हो रहा है। हर ब्रांड के अलग-अलग जगह पर होलसेल सेंटर बने हुए हैं। इससे एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ जाएगी। ब्रिटेन के अलग होने के बाद पॉलिसी भी अलग बन सकती है। इसको देखते हुए उद्योगपतियों को ऑर्डर कैंसल होने का डर सता रहा है।
नोएडा से गारमेंट एक्सपोर्ट होने वाले देश
नोएडा से सप्लाई होने वाले कपड़ों के माल में 25 फीसदी ब्रिटेन जाता है।
अमेरिका में 15 फीसदी माल जाता है।
यूरोपीयन यूनियन के देशों में भी कुछ फीसदी माल भेजा जाता है।