मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ललन राम वर्मा ने बताया कि इस बार निगम विशेष रूप से जागरूकता अभियान चलाएगा। साथ ही, क्षेत्र में औचक निरीक्षण भी करेगा। पिछले दिनों निगम ने दो हजार से अधिक जगहों पर जांच की गई।
अप्रैल-मई में हुई बारिश से मच्छरों के प्रजनन में तेजी आई है। निगम के स्वास्थ्य विभाग ने बीते दिनों निर्माण क्षेत्रों में अभियान चलाकर मच्छरों के प्रजनन की जांच की, जिसमें करीब एक चौथाई जगहों पर प्रजनन के मामले पाए गए। ऐसे में विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस साल मच्छरजनित रोगों के मामले बढ़ सकते हैं।
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मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ललन राम वर्मा ने बताया कि इस बार निगम विशेष रूप से जागरूकता अभियान चलाएगा। साथ ही, क्षेत्र में औचक निरीक्षण भी करेगा। पिछले दिनों निगम ने दो हजार से अधिक जगहों पर जांच की गई। इसमें 447 जगहों पर मच्छरों का प्रजनन पाया गया। इन मच्छरों के लिए साफ पानी का जलभराव और नम मौसम फायदेमंद है। मच्छर जनित रोगों के प्रति जागरूकता से इन समस्याओं को रोका जा सकता है। साथ ही यदि कही पानी जमा है तो उसे तुरंत साफ करना, जलभराव को खत्म करने की दिशा में काम किया जाएगा।
वहीं, एम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉक्टर मनाली अग्रवाल ने कहा कि मच्छरों के कारण होने वाला मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया रोग प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है। अस्पतालों में मच्छर जनित संक्रमण के साथ आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि ज्यादातर मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव मिल रही है, लेकिन अनुमान है कि यदि यही ट्रेंड रहा तो इस बार मानसून में मच्छर जनित रोग से संक्रमित होने वालों की संख्या बढ़ सकती है।