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AIIMS ने रचा इतिहास: पहली बार बिना बेहोश किए की ब्रेन सर्जरी, पांच साल की बच्ची के सिर से निकाला ट्यूमर; Video

Sat, 06 Jan 2024 07:06 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

दिल्ली एम्स के डॉक्टरों का दावा कि मेडिकल इतिहास में दुनिया की यह पहला ऐसा मामला है। जिसमें बिना बेहोश किए छोटी बच्ची की चार घंटे सर्जरी हुई। सात डॉक्टरों की टीम ने करीब चार घंटे सर्जरी की। इस दौरान बच्ची को बहलाए रखा। 
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बच्ची की हुई ब्रेन सर्जरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हाथों के इशारों पर कभी हंसती, तो कभी खेलती रही। इस दौरान सर्जरी टेबल पर 5 साल 10 महीने की बच्ची के चार घंटे कब निकल गए, उसे पता भी नहीं चला। इस चार घंटे के दौरान डॉक्टरों ने बिना बेहोश किए बच्ची की सर्जरी कर सिर से ट्यूमर निकाला। यह अपने आप में अनोखा मामला है। अभी तक बच्चों की सर्जरी बेहोश कर के की जाती थी। यह पहली बार है जब एम्स में बच्ची को बिना बेहोश किए सर्जरी की गई है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया के मेडिकल हिस्ट्री में इतनी कम उम्र के बच्चे का बिना बेहोश किए सर्जरी करने का यह पहला मामला है। बच्चों की सर्जरी काफी चुनौतीपूर्ण होती है। इनमें विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।

दरअसल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एम्स में जनवरी के पहले सप्ताह में 5 साल 10 महीने की एक बच्ची आई। बच्ची को सिर में दर्द, उल्टी सहित अन्य परेशानी थी। समय-समय पर उसे दौरे भी आ रहा था। एम्स में जांच के दौरान पता चला कि बच्ची के सिर में ट्यूमर है। इस ट्यूमर को हटाने के लिए करीब दो साल पहले भी एक सर्जरी हो चुकी है। 
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ट्यूमर निकालने के लिए बनाई एक टीम
उक्त सर्जरी के बाद ट्यूमर का कुछ हिस्सा सिर में रह गया था जिसे निकालना जरूरी था। बच्ची की हालत को देखते हुए एम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ।  दीपक गुप्ता, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ। मिहिर पांड्या सहित सात डॉक्टरों की एक टीम बनी। टीम ने पूरे मामले को लेकर रणनीति तैयार की और निर्णय लिया कि बच्ची को बिना बेहोश किए सर्जरी की जाएगी। यह चुनौती भरा निर्णय था।

चार घंटे चली सर्जरी
डॉ. मिहिर पांड्या बताते हैं कि चार जनवरी को सात डॉक्टरों के साथ अन्य स्टाफ को भी इस सर्जरी में शामिल किया गया। टीम के कुछ सदस्यों ने बच्ची की निगरानी की। जबकि अन्य सदस्यों से सर्जरी शुरू करी। सबसे पहले बच्ची की खोपड़ी में 16 इंजेक्शन लगाए गए। उसके बाद निरीक्षण किया गया। जब उसका सिर पूरी तरह से सुन हो गया तो डॉक्टरों ने सर्जरी शुरू करी। करीब चार घंटे तक चली सर्जरी के बाद बच्ची के सिर से पूरी तरह से ट्यूमर निकाला जा सका। पूरी सर्जरी के दौरान बच्ची मुस्कुरा रही थी। उसे कई बार फोन में वीडियो और फोटो भी दिखाए गए। उसने डॉक्टरों के कहने पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी। सर्जरी के बाद बच्ची पूरी तरह से ठीक है और जल्द ही उसे छुट्टी भी दी जा सकती है।

बच्ची को था यह ट्यूमर
बच्ची को लेफ्ट पेरिसिल्वियन इंट्राक्सियल ब्रेन ट्यूमर था। डॉक्टरों का कहना है कि यह किसी को भी हो सकता है। ब्रेन ट्यूमर होने पर सिर में दर्द, उल्टी आना, चलने, हाथ उठाने में दिक्कत होना, दौरा पड़ना जैसे लक्षण दिखते हैं। यदि किसी में ऐसा होता है तो तुरंत डॉक्टरों से संपर्क करना चाहिए। इस मामले में भी बच्ची में यह सभी लक्षण दिखे थे। लक्षण दिखने के बाद जांच करवाई गई। करीब दो साल पहले ट्यूमर को हटाने के लिए एक सर्जरी भी हुई।
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चुनौती भरा था मामला
डॉक्टरों का कहना है कि काफी कम उम्र की बच्ची के सिर की सर्जरी काफी चुनौती भरा मामला रहा। इस मामले में एक छोटी सी गलती बच्ची की जान ले सकती थी। यहीं कारण है कि सर्जरी के दौरान डॉक्टरों की टीम ने एक मिनट की निगरानी की। सर्जरी के हर पल पर उसके शरीर में होने वाले बदलाव व हरकत पर नजर रखी गई। इस सर्जरी में यह अच्छा रहा कि इस दौरान कभी भी ऐसा नहीं हुआ जब बच्ची के व्यवहार में कोई बदलाव दिखा हो।
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