नोएडा सेक्टर-64 स्थित एक बीपीओ में एक्जीक्यूटिव के पद पर काम करने वाली युवती ने गजब का साहस दिखाया। जिस बदमाश किस्म के ऑटो चालक ने युवती का सरेआम गला घोंटा और ब्लेड से हमला कर उसे मारने की कोशिश की।
उसको सड़क पर पटकने के बाद युवती ने पुलिस के हवाले कर दिया। सेक्टर-49 निवासी प्रेरणा चौहान (22) सेक्टर-64 स्थित एक बीपीओ में एग्जीक्यूटिव हैं। ऑफिस जाने के लिए बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे वह सिटी सेंटर से ऑटो में सवार हुई। उसमें पांच लोग और भी बैठे थे।
ममूरा चौराहे की घटना
ममूरा चौराहे पर प्रेरणा ने ऑटो से उतरकर चालक आजमगढ़ निवासी शिवराम यादव को किराये के रूप में 20 रुपये का नोट दिया। चालक ने 5 रुपये लौटा दिए। इस पर प्रेरणा ने चालक से 10 रुपये वापस करने को कहा, क्योंकि सिटी सेंटर से वहां तक का किराया मात्र 10 रुपये ही होता है। चालक ने इससे साफ इंकार कर दिया।
फिर जैसे ही प्रेरणा ने चालक से कहा कि वह उसकी शिकायत पुलिस से करेगी तो आरोपी बीच सड़क पर ऑटो से उतर गया। जब तकवह कुछ समझ पाती तब तक उसने युवती का गला दबोच लिया। इसके बाद चालक ने जेब से ब्लेड निकाल कर उसके गले पर ब्लेड मार दिया, जिससे वह चोटिल हो गई।
तमाशबीन बने रहे लोग
इसके बावजूद प्रेरणा ने हिम्मत नहीं हारी और साहस का परिचय देते हुए उसे जमीन पर गिरा दिया। चालक जैसे ही जमीन पर गिरा तो प्रेरणा ने फौरन मोबाइल से पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया। इस पर सेक्टर-58 थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई और चालक को गिरफ्तार कर ले गई। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है।
बदमाश किस्म का ऑटो चालक था। उसने मुझे सरेआम गालियां दी और मेरा गला दबाकर मारने की कोशिश की। जैसे ही मैंने उसका विरोध किया तो उसने जेब से ब्लेड निकालकर हमला कर दिया, जिससे मैं चोटिल हो गई। यह सब कुछ होता रहा, मगर लोग तमाशा देखते रहे।
20 मिनट तक किया संघर्ष
युवती ने बताया कि मैंने ऑटो चालक को गिराकर मैंने पुलिस को फोन कर दिया, जिससे आज वह जेल में है। महिला कमजोर नहीं होती है। कोई उस पर जुल्म करेगा तो उसे नहीं सहा जाएगा।
बृहस्पतिवार सुबह ममूरा चौराहे पर प्रेरणा चौहान पर एक ऑटो चालक ने ब्लेड से हमला किया। उसका गला दबाकर मारना चाहा। मगर ऑटो में सवार लोग व सड़कों पर खड़े लोग तमाशबीन बन कर पूरा नजारा देखते रहे।
20 मिनट से ज्यादा प्रेरणा हमलावर से जूझती रही मगर उसे बचाने कोई नहीं आया। आखिर में उस दरिंदे को प्रेरणा ने पस्त किया और पुलिस के हवाले कर दिया।