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उंगलियों में ब्लेड छिपाकर साथियों से मिलाता था हाथ, 11 छात्रों को कर चुका है घायल

Tue, 01 May 2018 09:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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बल्लभगढ़ क्षेत्र के एक पब्लिक स्कूल में हाथ मिलाने के बहाने उंगलियों में छिपे ब्लेड से 11 साथियों को घायल करने वाले छात्र को स्कूल ने निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही प्रिंसिपल की ओर से चौकी में एक तहरीर भी दी गई है।

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उधर, मनोविशेषज्ञ की मानें तो यह एक गंभीर मामला है। छात्र एंटी सोशल पर्सनालिटी डिस्ऑर्डर की गिरफ्त में है। अभिभावकों को चाहिए कि जल्द ही उसकी काउंसलिंग कराएं।

स्कूल प्रबंधन के अनुसार शनिवार को हुई इस घटना के बाद से प्रबंधन तंत्र भी हैरान है। खास बात यह है कि छात्र जिस समय ब्लेड से अपने साथियों को घायल करता था उसके साथ ही खुशी का इजहार भी करता था। प्रिंसिपल ने बताया कि छात्र की करतूत पर फिलहाल उसके स्कूल में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। सोमवार को उसके परिजनों से बात की जाएगी।
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इसके साथ ही अग्रसेन चौकी पर छात्र के खिलाफ शिकायत भी दी गई है। उधर, आरोपी छात्र के परिजन भी इस हरकत से हैरानी में हैं। उनका कहना है कि वह खुद नहीं जानते आखिर उनके बेटे ने ऐसा क्यों किया। आरोपी छात्र के अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के साथ ही सभी घायल छात्रों के परिजनों से माफी मांगी है।

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चौकी प्रभारी राजकुमार शर्मा का कहना है कि मामला दसवीं कक्षा के एक छात्र का है। उसके भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच सोमवार को बात की जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शनिवार को बल्लभगढ़ स्थित एक निजी स्कूल में दसवीं कक्षा के एक छात्र द्वारा अपनी कक्षा के बच्चों को सेविंग ब्लेड से मार कर घायल कर दिया था। इस घटना में लगभग 11 बच्चे घायल हुए थे घटना के बारे में जब स्कूल प्रबंधन ने सभी घायल बच्चों का इलाज कराया।

एएसपीडी की है पहली स्टेज:
शहर के नामचीन मनोविशेषज्ञ डॉ. अजय भार्गव का कहना है कि जिस प्रकार एक 14-15 साल का बच्चा इस कदर खतरनाक तरीके से अपने साथियों के साथ पेश आया है, उससे पता चलता है कि वह एंटी सोशल पर्सनलिटी डिस्ऑर्डर (एएसपीडी) या फिर कंडेक्ट डिस्ऑर्डर की पहली स्टेज पर है।

ऐसा लोग खुद को अन्य सभी से अलग दिखाना चाहते हैं। इसके लिए वह कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में ग्रसित बालक को पता भी नहीं होता कि उसने क्राइम कर दिया है। डॉ. भार्गव का कहना है कि  ऐसी स्थिति में बच्चे के परिजनों को चाहिए कि वह उसे तत्काल किसी अच्छे काउंसलर से मिलवाएं।
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