एक बिल्डर के यहां थे बाउंसर
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि मामले में पुलिस बीएनएसएस की 194 के तहत कानूनी कार्यवाही कर रही है। मृतक अजय परिवार के साथ चिल्ला गांव में रहते थे। इनके परिवार में पत्नी व दो बच्चे हैं। वह नोएडा के एक बिल्डर के यहां बतौर बाउंसर कार्यरत थे।
आनंद विहार से किया था आखिर कॉल
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 24 सितंबर को अजय नोएडा से अपने घर के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं पहुंचे। परिजनों ने 26 सितंबर को नोएडा में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पत्नी ने बताया कि अजय ने आखिरी बार आनंद विहार से फोन किया था और जिस ऑटो में बैठे थे, उसका नंबर भी व्हाट्सएप पर भेजा था। इसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिला।
मोर्चरी में परिवार ने की शव की पहचान
इसी दौरान आनंद विहार के नजदीक कौशांबी के पास नाले में पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस को एक अज्ञात शव मिला था। जिसे पहचान के लिए एलबीएस अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया था। एक अक्तूबर की रात परिजनों ने मोर्चरी पहुंचकर शव की पहचान अजय के रूप में की।
पहले रैपिडो, फिर ऑटो में बैठा था अजय, फिर नाले में लाश मिली
पुलिस जांच में सामने आया कि 24 सितंबर को अजय नोएडा में अपने दोस्त के पास गए थे, जहां दोनों ने शराब पी। दोस्त ने उन्हें रैपिडो बाइक से घर के लिए रवाना किया, लेकिन बाइक चालक ने उन्हें सेक्टर-62 के पास छोड़ दिया। वहां से अजय ऑटो पकड़कर आनंद विहार पहुंचे। आनंद विहार पहुंचकर उन्होंने एक दुकान से पानी और सिगरेट ली। इसके बाद नशे की हालत में पैदल चलते समय वह पास के नाले में जा गिरे, जिससे दम घुटने से उनकी मौत हो गई।