ओखला पक्षी विहार व बॉटनिकल गार्डन नए पर्यटन केंद्र बनेंगे। यहां पर्यटन के साथ शोध कार्य भी किया जाएगा। देश के पर्यटन पटल पर दोनों का नाम शामिल होगा। इसके लिए केंद्र सरकार पहल कर रही है।
रोड मैप तैयार किया जा रहा है। यानी 2018 में शहरवासियों के लिए बॉटनिकल गार्डन व ओखला पक्षी विहार तोहफे के रूप में होगा। नोएडा शहर को प्रदेश का शो विंडो कहा जाता है। बावजूद इसके पर्यटन के लिहाज से यह काफी पीछे है।
बदहाली के चलते ओखला पक्षी विहार का नाम भी धूमिल होता देख इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार ने ली है। पर्यावरण मंत्रालय रोड मैप तैयार कर इसे विकसित करने की तैयारी में है। शोध कार्य के अलावा इसे पर्यटन के लिहाज से तैयार किया जाएगा।
बताते चलें कि साल दर साल ओखला पक्षी विहार में प्रवासी पक्षियों की संख्या में कमी आ रही है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में की गई गिनती के मुताबिक, यहां महज 8 हजार पक्षी प्रवास कर रहे हैं।
इस वजह से बदली खला पक्षी विहार की सीरत और सूरत
botanical garden
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यह संख्या कुछ साल पहले लाखों में थी। प्रदूषण, रिहाएशी इमारतों, यातायात के अलावा हाईटेंशन लाइन, ध्वनि प्रदूषण, झील के निरंतर गंदा होते पानी, भोजन की कमी, एकांत स्थल की कमी कुछ ऐसे कारण हैं, जिन्होंने ओखला पक्षी विहार की सीरत और सूरत दोनों को बदल दिया है। अब इसे दोबारा विकसित करने की तैयारी है।
वहीं, बॉटनिकल गार्डन को भी विकसित किया जाएगा। बताते चलें कि यहां पौधों पर शोध किया जाता है। यहां डायनासोर काल तक के पौधों को संरक्षित किया गया है। इसके अलावा, विलुप्त प्राय: पौधों को संरक्षण दिया जा रहा है।
प्रदेश का यह सबसे बड़ा बॉटनिक गार्डन है। इसके बावजूद पर्यटन के लिहाज से यह अभी विकसित नहीं है। इन दोनों को ही पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी पर्यावरण मंत्रालय को सौंपी गई है। 2018 में विकसित कर देश के पर्यटन स्थलों में इसे शामिल किया जाएगा।
पीएम और सीएम ने कदम रखे
modi in noida
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि सोमवार को बॉटनिकल गार्डन से कालकाजी मंदिर तक मेट्रो की शुरुआत हुई तो पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ का हैलीकॉप्टर ब़ॉटनिकल गार्डन परिसर में ही उतरा था। इसके बाद पीएम और सीएम मेट्रो से न्यू ओखला मेट्रो स्टेशन तक गए थे।
पीएम और सीएम की नजर में दोनों स्थल आ चुके हैं। इसके अलावा, पीएम और सीएम को यह भी बताया गया कि देश का सबसे बड़ा बॉटनिकल गार्डन 800 एक़ड़ में फैला है। यह जमीन राष्ट्रपति के नाम है।
20 साल पहले यह जमीन आवंटित की गई थी, लेकिन अब तक इसकी किसी ने सुध नहीं ली है। इसी तरह, 400 एकड़ में फैले ओखला पक्षी विहार के बारे में उन्होंने पीएम और सीएम को जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि ओखला पक्षी विहार का पर्यावरण मंत्रालय की टीम सर्वे कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद इसे विकसित किया जाएगा। इसी तरह बॉटनिकल गार्डन का भी सर्वे होगा।