महापौर की रोक के बावजूद खोले गए बीओटी (बुल्ट ऑपरेट एंड ट्रांसफर) टेंडर पर अब यूपी के राज्यपाल ने जांच के आदेश दिए हैं।
राज्यपाल ने नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ये आदेश उन्होंने नगर निगम पार्षद मुकेश त्यागी की शिकायत पर दिए हैं।
मामला जुलाई माह का है। नगर निगम ने बस शेल्टर के संचालन, गार्वेज पोल लेटर विंस लगाने, महापुरुषों की मूर्तियों के रखरखाव और तीन मार्गों पर विद्युत पोल की मेंटेनेंस समेत छह कार्यों को बीओटी पर देने के लिए टेंडर जारी किए थे।
नीतिगत मामला होने के बावजूद इस पर न तो कार्यकारिणी समिति की सहमति ली और न निगम बोर्ड की। निगम अधिकारियों ने टेंडर भी चहेतों को दिए।
इस मामले में तत्कालीन महापौर, डीएम और मंडलायुक्त के पास भी शिकायत पहुंची थी। तत्कालीन महापौर तेलूराम कांबोज ने टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। बावजूद इसके अधिकारियों ने टेंडर खोल दिए।
निगम टेंडर कमेटी के सदस्य मुकेश त्यागी ने अफसरों पर धांधली का आरोप लगाकर राज्यपाल को शिकायत भेजी थी। अब राज्यपाल ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।