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कर्जदार ने किस्त अदायगी के नोटिस को हाईकोर्ट में दी चुनौती

Sat, 04 Apr 2020 12:02 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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court - फोटो : court
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दिल्ली हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस संक्रमण के बाद लागू लॉकडाउन के दौरान लोन की किस्त मांगने पर यस बैंक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने यह नोटिस उस कर्जदार की याचिका पर जारी किया है जिसे बैंक ने नोटिस जारी कर किस्त भरने का अल्टीमेटम दिया था।
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न्यायमूर्ति संजीव चावला की एकल पीठ ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए यस बैंक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याची का कहना है कि बैंक की ओर से ईमेल भेजकर उसे अलटीमेटम दिया गया है कि वह जनवरी और फरवरी माह की लोन की बकाया किस्तें 31 मार्च तक जमा करे और अगर उसने ऐसा नहीं किया बैंक उसके खाते को गैर निष्पादित परिसंपत्ति के रूप में घोषित कर देगा। इतना ही नहीं बैंक की ओर से 25 और 27 मार्च को भेजे गए ईमेल में कहा गया है कि किस्त ना भरने पर बैंक को एक जून 2020 तक वसूली के लिए कठोर कदम उठाना होगा।

याचिकाकर्ता ने कर्जदारों को आरबीआई की ओर से दी गई राहत का जिक्र करते हुए कहा कि देश में लॉकडाउन है और वह किस्त भरने में असक्षम है। लिहाजा किस्त की समयावधि को बढ़ाया जाए। वहीं बैंक की ओर से कोर्ट के समक्ष दलील दी गई कि एक मार्च से पहले की बकाया राशि पर आरबीआई का दिशानिर्देश लागू नहीं है। वहीं, याची का कहना है कि एक मार्च 2020 से यह निर्देश जारी हैं। कोर्ट ने इस मुद्दे पर बैंक को हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। 
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