महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पुरुषों के लिए भी अमर्यादित कपड़े पहनकर आने से मना करने संबंधी बोर्ड व पोस्टर लगाए गए हैं। राजधानी के कालकाजी मंदिर व झंडेवाला माता मंदिर समिति की ओर से इस तरह के बोर्ड व पोस्टर लगाए गए हैं।
राजधानी में गुरुद्वारों की तरह अब प्रमुख मंदिरों में मर्यादित कपड़े पहनकर आने के बोर्ड व पोस्टर लगने शुरू हो गए हैं। महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पुरुषों के लिए भी अमर्यादित कपड़े पहनकर आने से मना करने संबंधी बोर्ड व पोस्टर लगाए गए हैं। हालांकि, अमर्यादित कपड़े पहनकर आने वालों को रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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यूपी के एक मंदिर में करीब चार-पांच माह पहले लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। मंदिर के बाहर बोर्ड और पोस्टर लगाए गए थे जो सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में रहे थे। इसके बाद कई शहरों में इस तरह के बोर्ड और पोस्टर लगाने का अभियान शुरू हुआ है। राजधानी के कालकाजी मंदिर व झंडेवाला माता मंदिर समिति की ओर से इस तरह के बोर्ड व पोस्टर लगाए गए हैं। हालांकि, कालकाजी मंदिर समिति व्यवस्था नहीं देखती है। हाईकोर्ट ने मंदिर से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए यहां की व्यवस्था देखने के लिए मजिस्ट्रेट नियुक्त कर रखा है। इधर, छतरपुर मंदिर में बोर्ड-पोस्टर नहीं लगाए गए हैं, लेकिन प्रवक्ता एनके सेठी ने बताया कि वे अमर्यादित कपड़े पहनकर आने वालों पर नजर रखते हैं और प्रवेश नहीं करने दिया जाता।
अन्य मंदिरों ने भी की तैयारी
लक्ष्मी नारायण मंदिर, कनाट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर व शनि मंदिर, मरघट वाले हनुमान मंदिर, करोल बाग स्थित हनुमान मंदिर समेत अन्य प्रमुख मंदिरों में भी अमर्यादित कपड़े पहनकर आने वालों के प्रवेश पर रोक लगाने की चर्चा आरंभ हो गई है। बताया जा रहा है कि इन मंदिरों के बाहर भी कुछ दिनों में अमर्यादित कपड़े पहनकर आने वालों के प्रवेश पर प्रतिबंध संबंधी बोर्ड व पोस्टर लग जाएंगे।