एक ओर दिल्ली में पारा सालों के रिकॉर्ड तोड़ने में लगा है। वहीं, एम्स के बाहर बीती रात तिमारदार ठंड से कंपकंपाते मिले। एम्स सब-वे में मौजूद इन तिमारदारों को नियमों का पाठ पढ़ाकर कोई कंबल ले उड़ा। लोगों का कहना है कि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों ने ऐसा किया है, लेकिन चेयरमैन नरेश कुमार ने इस तरह की घटना से साफ इंकार किया है। जबकि लोगों का यहां तक कहना है कि सब-वे में परिषद के कर्मचारियों ने नोटिस भी चिपकाए हैं। इन नोटिस पर साफ लिखा है कि सबवे में सोने पर पांच सौ रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा। जबकि दिल्ली सरकार हर साल इसी सब-वे में रैन बसेरा बनाती है।
ऐसे में उन लोगों की जान पर बन आई है जो दूरदराज से एम्स में मरीजों के इलाज के लिए आए हैं या फिर जिनके पास अपना आशियाना नहीं है। जानकारी के मुताबिक, इस सब-वे में रात को करीब 150 से 200 लोग ठंड से बचने के लिए बिस्तर लगा लेते हैं जो एनडीएमसी के नियमों के खिलाफ है।
सेंटर फॉर हॉलिस्टिक डेवलपमेंट संस्था के कार्यकारी निदेशक सुनील कुमार आलेडिया ने बताया कि कंबल ले जाने की शिकायत दिल्ली आश्रय सुधार बोर्ड के कंट्रोल रूम और पीसीआर में भी की गई लेकिन पीसीआर नहीं पहुंची। कल एम्स के बाहर बेघरों के रहने के लिए एक टेंट लगवाया था जो लगाते ही फुल हो गया और जो लोग बचे वह दोबारा सब-वे में चले गए और कुछ बाहर बस स्टैंड के पास खुले आसमान में सो गए लेकिन एनडीएमसी को यह रास नहीं आया और वह उनके कंबल ले गई।
एनडीएमसी के साउथ दिल्ली इन्फॉर्समेंट डायरेक्टर वीके गौतम का कहना है कि हमारी तरफ से ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई और न कोई पोस्टर लगवाए गए हैं। वहीं चेयरमैन नरेश कुमार का कहना है कि एनडीएमसी इस तरह का कोई काम नहीं करती। ऐसे पोस्टर कोई नाटकबाज कंपनी लगा रही होगी। यदि पोस्टर पर किसी प्रिंटर का नाम नहीं है तो मैं इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाऊंगा।
ऐसे में बड़ा सवाल है कि एम्स के बाहर सर्द हवाओं से परेशान लोगों से कंबल लेकर कौन गया। घटना से तिमारदारों में दहशत है। दीवारों पर नोटिस चिपके होने से लोग भी आश्चर्य में हैं।
दिल्ली में रैन बसेरे के हालात
स्थान संख्या क्षमता
आरसीसी बिल्डिंग 76 9255
पोर्टा कैबिन 113 7175
टेंट 17 940
कुल 206 17370