गांव मकसूदपुर में 24 अक्तूबर को शिकारियों के चंगुल से एक काले हिरण को छुड़ाया गया था, जिसने दम तोड़ दिया था। अब इसी तरह का मामला एक बार फिर सामने आया है।
वन विभाग के मुताबिक, मकसूदपुर गांव स्थित कुटिया पर मौजूद महाराज जयपुरी उर्फ मोनी बाबा और महाराज नैन सिंह ने बताया कि शनिवार रात करीब 1 बजे कुछ लोग काले हिरण के शिकार की कोशिश कर रहे थे। शिकारियों के लगाए शिकंजे में हिरण का पैर फंस गया था। आवाज सुनकर पास की कुटिया में मौजूद साधु जंगल की ओर पहुंचे तो शिकारी भाग गए। घायल काले हिरण को कुटिया में लाया गया जहां रविवार सुबह करीब छह बजे वह मर गया। सूचना मिलने पर दोपहर करीब दो बजे वन विभाग की टीम गांव पहुंची और जांच कर शव को साथ ले गई। बता दें कि 21 अक्तूबर को बीरमपुर गांव में भी काले हिरण का शव बरामद किया गया था।
कसेगा शिकारियों पर शिकंजा
मामले में अज्ञात पर काले हिरण के शिकार की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शिकारियों की गिरफ्तारी के लिए योजना तैयार की जा रही है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- शीतल पंवार, क्षेत्राधिकारी, वन विभाग