अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
सीलमपुर विधानसभा क्षेत्र की कई कॉलोनियों में पिछले एक सप्ताह से घरों में सीवर जैसा बदबूदार और काला पानी पहुंच रहा है। ब्रह्मपुरी, मौजपुर, घोंडा, गौतमपुरी, सीलमपुर, जाफराबाद, विजय मोहल्ला, बजरंगी मोहल्ला, चौहान बांगर और उस्मानपुर के लोग पीने के पानी के लिए बाजार पर निर्भर हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दूषित पानी के इस्तेमाल से पेट दर्द और संक्रमण की शिकायतें बढ़ रही हैं। स्थानीय निवासी अनवार ने बताया कि करीब 15 दिनों से पानी की स्थिति खराब है। उनके मुताबिक पानी इतना गंदा है कि पीने के अलावा घरेलू काम में इस्तेमाल करना भी मुश्किल है। वहीं जावेद सैफी का आरोप है कि ऑनलाइन शिकायतें करने के बावजूद जल बोर्ड के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने को तैयार नहीं हैं। लोगों के मुताबिक एक बड़ी बोतल पानी करीब 50 रुपये में मिल रही है और एक परिवार को रोजाना करीब तीन बोतल खरीदनी पड़ रही हैं। यानी पानी पर ही प्रतिदिन करीब 150 रुपये खर्च हो रहे हैं। इससे उन परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जिनके घरों में पहले से जलापूर्ति के लिए जल बोर्ड पर निर्भरता है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि कई जगह सीवर ओवरफ्लो हैं और पेयजल लाइनें उनके नजदीक से गुजरती हैं। घोंडा स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विधायक चौधरी जुबैर अहमद ने बताया कि प्लांट में नया पंप लगाया गया है। पहले एक पंप से काम चल रहा था जो ठीक से काम नहीं कर रहा था। उन्होंने अधिकारियों के साथ प्लांट का निरीक्षण किया है और दूषित पानी की समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों के संपर्क में हैं।