पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा है कि भाजपा ने भूमि अधिग्रहण कानून को फिर से अंग्रेजी हुकूमत में पहुंचा दिया है। अंग्रेजों के शासन में 1894 में बनाए गए कानून को बदलने के लिए किसानों ने अपने अस्तित्व और रोजी रोटी के लिए खून बहाया, लेकिन मोदी सरकार ने उनके इस बलिदान को नजरअंदाज कर दिया।
यूपीए सरकार के समय बनाए गए भूमि अधिग्रहण कानून पर भाजपा ने अलोकतंत्रीय तरीके से अध्यादेश लाकर देश के किसानों का हक मारने का काम किया है। उन्होंने यह बात ग्रेटर नोएडा के घरबरा गांव में आयोजित किसानों की पंचायत को संबोधित करते हुए कही।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता धीरेंद्र सिंह और पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष राम सिंह के नेतृत्व में आयोजित पंचायत में जयराम रमेश ने कहा कि केंद्र सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की आत्मा को मारते हुए इस देश के किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। मोदी सरकार ने पूंजीपतियों के दबाव में यह फैसला किया है। इसे किसी भी कीमत पर पास नहीं होने दिया जाएगा।