सांसद व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा का कहना है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के गांवों में पंचायत व्यवस्था को दोबारा बहाल करने के लिए भाजपा काम करेगी। इसके लिए जो भी जरूरी कदम होंगे, उठाए जाएंगे।
सपा सरकार ने प्राधिकरण क्षेत्र के गांवों में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को खत्म कर दिया था। प्राधिकरण और प्रदेश सरकार की तरफ से जो कानूनी कार्रवाई की गई है उसका पहले अध्ययन किया जाएगा। ग्रामीणों के अधिकार कम नहीं होने दिए जाएंगे, जो भी जरूरी कदम होंगे, उठाए जाएंगे।
मालूम हो कि सपा सरकार ने प्राधिकरण अधिकारियों के कहने पर ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य बनने की व्यवस्था को खत्म करा दिया था। देहात क्षेत्र में पिछले साल पंचायत चुनाव हुए भी थे, लेकिन मामला कोर्ट में चला गया, जिससे अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है।
शुरू में प्राधिकरण ने तर्क दिया था कि गांव के विकास कार्य प्राधिकरण कराता है, ऐसी स्थिति में ग्राम प्रधान व अन्य पंचायत सदस्यों की जरूरत नहीं है। जबकि ग्रामीण यही तर्क देते रहे और प्राधिकरण पर आरोप भी लगाते रहे कि अधिकारी नहीं चाहते हैं कि गांव के लोगों के पास कोई अधिकार हों, इससे अधिकारियों की मनमानी भी चलती रहेगी।
ग्रामीणों ने प्राधिकरण और प्रदेश सरकार पर आरोप लगाए थे कि गांव के अधिकार छीने जा रहे हैं, क्योंकि प्राधिकरण द्वारा गांव के किसानों से जमीन सस्ते दर पर ली जा चुकी है। अब प्राधिकरण का काम गांव वासियों से नहीं रहा है, इसलिए अधिकार छीन लिए गए।