दिल्ली फतह के लिए जुटी भाजपा न केवल राष्ट्रवादी एजेंडे, बल्कि विकास के एजेंडे को भी पीछे नहीं छोड़ रही है। भाजपा शाहीन बाग के साथ विकास के मुद्दे पर भी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को घेरने में जुटी है। चुनाव प्रचार में उतरे भाजपा के केंद्रीय मंत्री अपने-अपने मंत्रालय से जुड़े विकास की बात कर आम आदमी पार्टी को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।
दिल्ली चुनाव में केंद्रीय मंत्रियों की पूरी फौज उतरी है। सोची-समझी रणनीति के तहत चौतरफा आम आदमी पार्टी की सरकार को घेर रहे हैं। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की बात करें तो दिल्ली की जनता को ट्रैफिक दबाव दिल्ली में कैसे कम हुआ, इसकी जानकारी ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरल के माध्यम से समझा रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन यह बता रहे हैं कि कैसे दिल्ली वालों को केंद्रीय स्वास्थ्य योजना का लाभ नहीं मिला। जनता के बीच पहुंचकर वह बता रहे हैं कि दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को लागू नहीं होने दिया। इस वजह से पांच लाख तक की स्वास्थ्य सेवाओं से दिल्ली वाले वंचित रह गए हैं।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी यह दावा ठोक रहे हैं कि केंद्र सरकार की पहल से ही अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले 40 लाख लोगों को घर का मालिकाना हक मिल गया है। सभी अनधिकृत कॉलोनियां अधिकृत हो गई हैं। इसी तरह केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी महिला सुरक्षा को लेकर दिल्ली सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही हैं।
उज्ज्वला योजना से देशभर की महिलाओं को किस तरह से लाभ मिला के साथ ही दिल्ली सरकार को निर्भया मामले में कठघरे में खड़ा कर रही हैं। वह दिल्ली वालों को समझा रही हैं कि पूरा देश निर्भया को त्वरित न्याय के पक्ष में लामबंद है तो गत पांच साल में कई बार निर्भया मामले में न्यायालयों में पाया गया कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने इस मामले में ताल-मटोल किया है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर दिल्ली में प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार को घेर रहे हैं।
उधर, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री अपने राज्य से दिल्ली की तुलना कर लोगों को बता रहे हैं कि कैसे दिल्ली सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के मामले में पीछे है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी यह समझा रहे हैं कि गुजरात शिक्षा के क्षेत्र में तीसरे नंबर पर है, लेकिन दिल्ली का हाल बुरा है।
यहां की सरकार यह दावा तो करती है कि शिक्षा पर सबसे अधिक बजट रखा गया है, लेकिन पैसा सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च किया जाता है। इसी तरह हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल उस आरोप को खारिज कर रहे हैं कि हरियाणा सरकार दिल्ली का पानी रोक लेती है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पूर्वांचली लोगों के बीच पहुंचकर यह बता रहे हैं कि कैसे अरविंद केजरीवाल पूर्वांचलियों का अपमान करते हैं और यह कहते हैं कि 500 रुपये का टिकट लेकर 5 लाख का इलाज दिल्ली में कराकर वापस चले जाते हैं।