दिल्ली चुनाव में भाजपा को सिख राजनीतिक दलों का समर्थन मिल गया है। शिरोमणि अकाली दल (बादल) के साथ ही जग आसरा गुरु ओट (जागो) पार्टी ने चुनाव में समर्थन देने का ऐलान किया है। हालांकि इस चुनाव में अकाली दल ने भाजपा के साथ गठबंधन के तहत अपने किसी उम्मीदवार को चुनाव में नहीं उतारा है, बावजूद दोनों दलों ने समर्थन देने का ऐलान किया है।
70 विधानसभा क्षेत्रों में कई सीटों पर सिख मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं। सिख बहुल क्षेत्र तिलक नगर, राजौरी गार्डन, मोती नगर, हरि नगर, कालकाजी, जनकपुरी, आदर्श नगर, शकूरबस्ती और शाहदरा में बड़ी संख्या में सिख मतदाता हैं। इसके साथ ही अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी सिख मतदाताओं की अच्छी संख्या है। ऐसे में सिख राजनीतिक दलों के समर्थन से भाजपा प्रत्याशियों को लाभ मिल सकता है।
हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने के बावजूद भाजपा के पक्ष में 70 में महज 3 विधानसभा क्षेत्रों में ही जीत हासिल हुई थी। इस बार भाजपा ने हरी नगर, जंगपुरा, तिमारपुर और राजेंद्र नगर विधानसभा सीट से सिख चेहरों को मैदान में उतारा है।
जागो पार्टी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने बताया कि पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक में दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को समर्थन देने का निर्णय लिया गया है। बैठक में सिख पंथ के मसलों को हल करवाने की शर्त वाला प्रस्ताव भी पारित किया गया। जीके ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मुलाकात हुई थी, जिसमें दिल्ली चुनाव में भाजपा को समर्थन देने पर चर्चा हुई।
जागो ने भाजपा के सामने रखी शर्त
मनजीत सिंह जीके ने बताया कि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने पर 1984 सिख दंगे के मुख्य आरोपी जगदीश टाईटलर की गिरफ्तारी, लालकिला पर रोजाना होने वाले लाइट एंड साउंड शो में सिखों के द्वारा 1783 में की गई दिल्ली फतेह का इतिहास शामिल करने, एमसीडी के सभी प्राइमरी स्कूलों में पंजाबी भाषा की 2 साल तक अनिवार्य पढ़ाई, दिल्ली के सभी 1023 सरकारी स्कूलों में पंजाबी शिक्षकों की भर्ती, 1984 के पीड़ितों के फ्लैटों की मरम्मत कराने की शर्त रखी गई है। इसी आधार पर भाजपा को समर्थन दिया गया है।