दयाल रीजेंसी में ब्रज, पश्चिम और कानपुर क्षेत्र के विस्तारकों की बैठक हुई। इस बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी शामिल हुए। इससे पहले पत्रकारों से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों में प्रदेश में जिस प्रकार के परिणाम सामने आए हैं, उसके बाद से पार्टी समीक्षा कर रही है। केंद्र और प्रदेश में लगातार विकास के काम करने के बाद हम जनता के बीच पहुंचे थे, लेकिन हम अपनी बातों को सही प्रकार से नहीं रख सके। उधर, विपक्ष ने जनता को गुमराह किया, इससे नुकसान हुआ है।
जो नेता दूसरे दलों से भाजपा में शामिल हुए। उनके बूथों पर पार्टी को कितना वोट मिला, इस सवाल का जवाब देते हुए भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि हम एक बढ़ता हुआ राजनीतिक दल हैं। कोई दल किसी के लिए अपने दरवाजे बंद नहीं कर सकता है। जो पार्टी की विचारधारा से जुड़कर काम करना चाहता है, उसका स्वागत किया है, लेकिन पार्टी इसकी भी समीक्षा कर रही है। प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारियों को लोकसभा क्षेत्र में भेजा है। इससे एक मोटी-मोटी राय निचले स्तर से ले रहे हैं। इसके आधार पर पार्टी आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने नकारात्मक एजेंडा चलाया। लोगों को ठगने का काम विपक्ष ने किया।
इस दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया, जिलाध्यक्ष नरेश तोमर, विधायक विजयपाल आढ़ती, डॉ. विकास अग्रवाल, पुनीत गोयल, मोहन सिंह, कविता सिंह, श्यामेंद्र त्यागी, गौरव रुड़कीवाल, अशोक बबली, लज्जारानी गर्ग, मनोज वाल्मीकि, प्रमोद जिंदल, मनोज कर्णवाल, सुधीर शर्मा, अलका निम आदि मौजूद रहे।
यह होते हैं विस्तारक
भाजपा ने प्रत्येक लोकसभा व विधानसभा क्षेत्र सीट पर विस्तारकों की तैनाती की थी। विस्तारकों में अधिकतर अविवाहित शामिल हैं। क्योंकि विस्तारकों को अपना पूरा समय उस क्षेत्र में पार्टी के लिए ही देना होता है। यह विस्तारक 85 प्रतिशत तक 35 साल तक के युवा हैं।
जवाब तय करेंगे कई का भविष्य
शुरुआत में सभी विस्तारकों के साथ प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक आदि ने बैठक की। धर्मपाल सिंह ने प्रस्तावना के दौरान सभी विस्तारकों के कार्यों की सराहना की। इसके बाद अलग-अलग कमरे में लोकसभा क्षेत्र के विस्तारकों और हाल में तीन भागों में ब्रज, पश्चिम और कानपुर क्षेत्र के विधानसभा क्षेत्र के विस्तारकों को बैठाकर चर्चा की गई।
विस्तारकों से पूछा गया कि क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के साथ तालमेल कैसा रहा, पदाधिकारियों व उन्होंने पार्टी के लिए क्या-क्या किया, किस-किस क्षेत्र में काम करने में दिक्कत हुई, उनके क्षेत्र में हार का क्या कारण रहा। यह बैठकें क्षेत्रीय अध्यक्ष, क्षेत्रीय प्रभारी और प्रदेश संगठन से आए पदाधिकारियों के सामने हुई। ऐसे में विस्तारकों का जवाब कई के भविष्यों को अधर में लटका सकता है।