दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर अनिश्चितता अभी भी बरकरार है। भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में दिल्ली को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने चुप्पी साध ली। अन्य प्रदेशों में होने वाले चुनावों का जिक्र किया गया, चुनावों के लिए कमर कसने की भी बात हुई, लेकिन दिल्ली को लेकर किसी ने कुछ नहीं कहा।
इससे साफ-साफ संकेत जा रहा है कि फिलहाल दिल्ली में चुनाव मुश्किल हैं। केंद्र में एनडीए की सरकार बनने के बाद पहली बार शनिवार को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में भाजपा राष्ट्रीय परिषद की बैठक हुई।
पार्टी के सभी राष्ट्रीय नेता इसमें शामिल हुए। कार्यक्रम में हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कमर कसने की बात की गई।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कार्यकर्ताओं में जोश भी भरा, लेकिन दिल्ली में चुनाव होगा कि अल्पमत वाली सरकार बनेगी, इस पर सभी मौन रहे।
दिल्ली के विधायक और प्रदेश के नेताओं को उम्मीद थी कि अमित शाह सरकार बनाने या नहीं बनाने को लेकर कुछ संकेत देंगे, लेकिन दिल्ली की राजनीति को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। हालांकि शनिवार को अमित शाह के साथ प्रदेश नेताओं की एक बैठक हुई, जहां दिल्ली की राजनीति पर चर्चा की गई।