दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त राजेश देव ने बताया कि जिले के वाहन चोरी निरोधक दस्ता (एएटीएस) प्रभारी राजेंद्र सिंह डागर की 15 दिन की कड़ी मेहनत के बाद भाजपा अध्यक्ष की कार चोरी का मामला सुलझा है। इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह डागर के नेतृत्व में एसआई जिमेना रघुवंशी, एसआई राजवीर, एसआई विनोद, एएसआई धीरसिंह, एएसआई रूप सिंह आठ एएसआई शरवन आदि की टीम 15 दिनों तक हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड आदि राज्यों में दबिश देती रही।
इस दौरान इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह डागर व उनकी टीम ने परिजनों व अन्य लोगों का फोन तक नहीं उठाया। इस टीम को जल्द ही पता लग गया था कि वाहन चोर शाहिद और शिवांश त्रिपाठी गिरोह ने इस वारदात को अंजाम दिया है। जांच के बाद पुलिस टीम ने आरोपी के आवास विकास कॉलोनी लखनऊ रोड हरदोई (यूपी) निवासी शिवांश त्रिपाठी पुत्र विनय त्रिपाठी को एनसीआर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सीतापुर निवासी रिसीवर मोहम्मद रईस उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान, आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने साथियों बड़कल फरीदाबाद का निवासी शाहिद और उसके चंदन होला दिल्ली निवासी दामाद फारूक आदि के साथ भाजपा नेता की कार चुराई थी। आरोपियों ने वाहन चोरी की वारदात करने नोएडा से क्रेटा कार चुराई थी।
भाजपा नेता की कार यहां बेची
आरोपियों ने खुलासा किया कि भाजपा नेता की टोयोटा फॉर्च्यूनर कार को दिल्ली से सह-आरोपी शाहिद के दामाद फारूक के फरीदाबाद हरियाणा के फार्महाउस में ले जाया गया। उसने शाहिद के साथ मिलकर चोरी की टोयोटा फॉर्च्यूनर कार को चोरी की कारों के एक आदतन रिसीवर, सलीम को लखीमपुर खीरी में बेच दिया था, जो चोरी की लक्जरी कारों को मुरादाबाद, सीतापुर, हाथरस, मैनपुरी आदि जगहों पर रिसीवर को बेचता था। ये चोरी की कारों को उत्तर-पूर्वी राज्यों में भेजता था। शिवांश त्रिपाठी की निशानदेही पर लखीमपुर खीरी में छापेमारी कर सह अभियुक्त सलीम को पकड़ लिया गया।
यहां भी बेची गई
पूछताछ के दौरान आरोपी सलीम ने खुलासा किया कि उसने कार को रिसीवर सीतापुर निवासी मोहम्मद रईस उर्फ पप्पू को बेच दी थी। इसके बाद आरोपी मोहम्मद रईस उर्फ पप्पू को सीतापुर (यूपी) से गिरफ्तार किया गया। उसने कार को अमरोहा (यूपी) निवासी फुरकान को बेच दिया। इसके बाद आरोपी मोहम्मद रईस की निशानदेही पर चोरी की टोयोटा फॉर्च्यूनर कार बेनियाबाग पार्किंग वाराणसी (यूपी) से बरामद की गई।