दिल्ली फतह के लिए भाजपा सिर्फ मोदी लहर के भरोसे नहीं रहना चाहती। केंद्रीय नेतृत्व, प्रदेश भाजपा के हाथ में चुनाव की कमान नहीं सौंपना चाहता। ऐसा इसलिए भी है कि दिल्ली में बीते पंद्रह साल से पार्टी के पक्ष में माहौल होने के बावजूद पार्टी विधानसभा में बहुमत हासिल नहीं कर पाई है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत नहीं मिलने से सबक लेकर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व दिल्ली में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। दरअसल, पिछले विधानसभा चुनाव में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई रैलियों के बावजूद दिल्ली में पूर्ण बहुमत से भाजपा चार कदम दूर ही रही। इसे ही देखते हुए भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व पूरी ताकत के साथ दिल्ली चुनाव की तैयारी में जुटी है।
इस अभियान पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की नजर तो है ही साथ ही अब संसदीय कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रुड़ी व संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को भी जोड़ दिया गया है। शाह ने दो टूक कहा है कि दिल्ली के नेता विपक्षी पार्टी की तरह चुनाव लड़ने की तैयारी करे।