दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने तुगलकाबाद क्षेत्र स्थित दिल्ली सरकार के रानी झांसी सर्वोदय कन्या विद्यालय के पास गैस रिसाव होने की घटना की उच्चस्तरीय जाचं कराने की मांग की है। क्योंकि, विद्यालय के अधिकारियों के कारण इतनी बड़ी संख्या में बच्चे बीमार हो गए।
विजेंद्र गुप्ता ने विभिन्न अस्पतालों में भर्ती बच्चों को देखने के बाद कहा कि गैस रिसाव की घटना का पता विद्यालय में बच्चों के आने से पहले ही चल गया था। जब बच्चे आ रहे थे उस समय गैस रिसाव का प्रभाव विद्यालय प्रांगण में पूरी तरह फैल चुका था। विद्यालय के अधिकारियों की लापरवाही के कारण विद्यालय को बंद करने का निर्णय नहीं लिया गया, जिसके कारण बच्चों को भारी दुर्घटना से जूझना पड़ा।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि विद्यालय के आसपास चल रही रसायन फैक्टरी, रेलवे यार्ड के कंटेनर और अन्य स्रोत से हुए गैस रिसाव का पता लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक एवं तकनीकी जांच कराई जाए, जिससे इस तरह की होने वाली दुर्घटनाओं की पुनावृत्ति न हो।
इसके अलावा उन्होंने यह भी मांग की कि डॉक्टरों की एक टीम प्रभावी छात्राओं की गहन जांच करें। यह टीम पता लगाए की कि गैस रिसाव के कारण इन बच्चों पर आने वाली जिंदगी में कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं होगा।
गैस लीक से कुल 494 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी
gas leak in delhi school
- फोटो : कुमार संजय/अमर उजाला
दक्षिण दिल्ली के प्रह्लादपुर इलाके में शानिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब (आईसीडी इनलेंड कंटेनर) डिपो से एक कंटेनर से बायो केमिकल (क्लोरो मिथाइल पैरीडाइन) का रिसाव हो गया। रिसाव से दो स्कूलों के करीब 494 बच्चें व शिक्षिकाएं चपेट में आ गए। उन्हें उल्टियां, आंखों में व त्वचा में जलन, सिर दर्द व सांस फूलने की दिक्कत होने लगी। इससे वहां अफरातफरी का माहौल बन गया और बच्चों को चार अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।
प्रह्लादपुर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस की एक टीम शनिवार शाम को कंटेनर को जब्त करने के लिए सोनीपत पहुंच गई थी। घटना की जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, दिल्ली के मुख्यमंत्री व उप-मुख्यमंत्री तथा विपक्ष नेता विजेन्द्र गुप्ता बीमार बच्चों से मिलने अस्पतालों में पहुंचे।