दादरी में भाजपा नेता विजय पंडित हत्याकांड के मुख्य आरोपी अरुण आर्या उर्फ अल्ली को इंदिरापुरम पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम गिरफ्तार कर लिया। मुखबिर की सूचना पर खोड़ा नहर के पास से उसे दबोचा गया।
वर्ष 2012 में हुए रविंद्र शर्मा हत्याकांड के बाद से अल्ली को करीब तीन करोड़ का नुकसान हो चुका था। विजय पंडित रविंद्र हत्याकांड के मुख्य गवाह थे और अन्य गवाहों को साथ लेकर केस की पैरोकारी में जुटे थे।
अरुण उन पर समझौते का दबाव बना रहा था। समझौता न करने और केस की पैरवी करने की खुन्नस में अरुण ने हत्या की साजिश रची थी।
जेल से बाहर आने के बाद रची साजिश
थाना इंदिरापुरम में एडीजी डीएस चौहान ने बताया कि 12 सितंबर 2012 को हुए रविंद्र हत्याकांड में भी अरुण उर्फ अल्ली मुख्य आरोपी था। 13 सितंबर 2012 को उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
तीन मई 2013 को हाईकोर्ट से जमानत पर वह जेल से बाहर आया। तब से वह विजय पंडित को मारने की योजना बना रहा था।
कोर्ट में पेशी के दौरान उसकी मुलाकात अवनीश उर्फ अन्नी से हुई थी। जेल से छूटने के बाद अरुण ने अवनीश, दीपक, नितिन, अंकित के साथ मिलकर विजय पंडित की हत्या की साजिश रची।
तीन करोड़ की थी टीस
अरुण का कहना है रविंद्र की हत्या के बाद उनके स्कूल और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लोगों ने आग लगा दी। जिससे उसे और परिवार को करीब तीन करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा।
साथ ही उसके जेल जाने से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी नष्ट हो गई थी, जिसका बदला लेने के लिए उसने विजय पंडित की हत्या की।
एडीजी के अनुसार घटना में अभी तक किसी भी गैंग अथवा राजनीतिक संलिप्तता सामने नहीं आई है। फिलहाल दो आरोपी नितिन और अंकित भागे हुए हैं, जिनकी गिरफ्तारी की कोशिश जारी है।