फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनाधिकृत कॉलोनियों पर दिल्ली सरकार को घेरने की तैयारी में भाजपा, चलाएगी जनसंपर्क अभियान

Sat, 21 Sep 2019 06:06 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

अनाधिकृत कॉलोनियों पर दिल्ली सरकार को घेरने के लिए भाजपा जनसंपर्क अभियान चलाएगी। पार्टी 22 सिंतबर को दिल्ली के 22 विधानसभा क्षेत्रों के लोगों के बीच जाएगी। शुक्रवार को प्रदेश कार्यालय में प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार अनधिकृत कॉलोनियों को पास कराने में नाकाम रही है।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नाकामियों को घर-घर पहुंचाने के लिए इस अभियान को शुरू किया जाएगा। इससे पहले पार्टी के तमाम बड़े नेताओं की बैठक हुई। इसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और दिल्ली के प्रभारी श्याम जाजू, सह-प्रभारी और राष्ट्रीय मंत्री तरुण चुघ, प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्घार्थन मौजूद थे।

बैठक के बाद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने साढ़े चार साल बाद भी अनधिकृत कॉलोनी में रहने वालों की चिंता नहीं की। कभी सब कुछ फ्री देने की बात करते हैं तो कभी संत रविदास मंदिर के मामले को तूल देकर दिल्ली का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं। हकीकत में उनका मकसद नाकामियों को छुपाना है।
विज्ञापन


तरुण चुघ ने कहा कि भाजपा दिल्ली में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में पूरी तरह सक्षम है। आगामी विधानसभा चुनाव में वे यह करके दिखाएंगे। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि पहले कांग्रेस और अब केजरीवाल सरकार ने हमेशा ही ऐसी कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को वोट बैंक ही समझा है।

केंद्र ने दिल्ली सरकार को पत्र लिख बार-बार अनधिकृत कॉलोनियों की सीमाओं को अंतिम रूप देने को कहा, लेकिन उसने ध्यान ही नहीं दिया। वर्ष 2017 में इस काम के लिए दो वर्ष की अवधि बढ़ाने की सिफारिश की। यह अवधि पूरी हो गई तो सरकार फिर समय मांगने लगी। यह कार्य दो वर्ष की अवधि से पहले ही खत्म हो जाना चाहिए था।

जिले से लेकर ब्लॉक अध्यक्ष तक को जिम्मेदारी

बताया जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने 22 विधानसभा क्षेत्रों के सभी कार्यकर्ताओं को अलर्ट कर दिया है। जिले से लेकर ब्लॉक अध्यक्ष तक को इस जनसंपर्क अभियान में घर-घर जाकर लोगों से मिलने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेशाध्यक्ष से लेकर बाकी नेताओं को भी कुछ हिस्से बांटे गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें