उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर में रविवार दोपहर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के समर्थक और विरोधी आपस में भिड़ गए। दोनोें पक्षों की ओर से एक घंटे तक भारी पत्थरबाजी हुई। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर दोनों पक्षों को तितर-बितर किया।
इस पर दोनों पक्षों से भारी पत्थरबाजी होने लगी। जानकारी मिलते ही पुलिसबल मौके पर पहुंचा और आंसू गैंस के गोले छोड़कर दोनों पक्षों के लोगों को तितर-बितर किया। इलाके में तनाव का माहौल बनने पर मौजपुर और बाबरपुर मेट्रो स्टेशनों के गेट भी बंद करवा दिए गए। देर शाम तक दोनों पक्षों की ओर से रुक-रुककर पत्थरबाजी हो रही थी। एहितयात के तौर पर इलाके में भारी पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने दिल्ली पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि जाफराबाद और चांद बाग की सड़कें खाली कराएं, अन्यथा इसके बाद हमें मत समझाना। हम आपकी भी नहीं सुनेंगे। ये लोग यही चाहते हैं कि दिल्ली में आग लगी रहे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जाने तक तो हम इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद हमें कोई नहीं रोक पाएगा।
71 दिन से शाहीन बाग का रास्ता बंद होेने के कारण समस्याएं झेल रहे सरिता विहार, जसोला और आसपास के इलाके के लोगों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। उन्होंने सरिता विहार की सड़क बंद कर दी और वहीं बैठ गए। इस दौरान उन्होंने शाहीन बाग की तर्ज पर महिलाओं को आगे कर दिया। महिलाओं का आरोप है कि शाहीन बाग प्रदर्शन की वजह से उनके बच्चों को कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर बोर्ड परीक्षा देने जाना पड़ रहा है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
हंगामे की सूचना पर भारी पुलिस बल वहां पहुंच गया। पुलिस को देखकर स्थानीय लोगों ने ‘दिल्ली पुलिस जिंदाबाद’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मांग की कि शाहीन बाग में रास्ता घेरकर बैठे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर रास्ता जल्द खुलवाए।
इसके बाद पुलिस ने लोगों को समझाया। इसमें उसे पांच घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में लोग रास्ता खोलने पर राजी हो गए। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर सोमवार तक रास्ता साफ नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन पर मजबूर हो जाएंगे।
सरिता विहार निवासी रोहित और उनकी पत्नी ने रविवार सुबह व्हॉट्स ऐप पर स्थानीय लोगों से प्रदर्शन की अपील की थी। इस पर स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शाहीन बाग मेट्रो स्टेशन से पहले स्थित तिराहे पर पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने ईंट-पत्थर रखकर और गाड़ियां खड़ी कर तिराहे को बंद कर दिया और वहां बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी आरती अग्रवाल ने कहा कि शाहीन बाग का रास्ता बंद होने से इलाके में कई लोगों की नौकरी जा चुकी है। इसके बाद भी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शाहीन बाग में रास्ता बंद करने वाले लोग सुप्रीम कोर्ट के वार्ताकारों की भी नहीं सुन रहे। अब वे किसी की नहीं सुनेंगे। इसलिए पुलिस को हस्तक्षेप कर शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग कर रास्ते को खाली कराना चाहिए।
इधर, सरिता विहार का रास्ता बंद होने से जसोला मेट्रो स्टेशन की ओर जाने वाले रास्ते पर जाम लग गया। फरीदाबाद की ओर से आने वाली गाड़ियों को दूसरे रास्तों से घूमकर ओखला की ओर जाना पड़ा। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रदर्शन के दौरान पहुंची एंबुलेंस को रास्ता दे दिया गया।