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दिल्ली: सीएए समर्थक और विरोधी आपस में भिड़े, भारी पुलिस बल तैनात

Sun, 23 Feb 2020 09:59 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मौजपुर में प्रदर्शन जारी। - फोटो : ANI
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर में रविवार दोपहर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के समर्थक और विरोधी आपस में भिड़ गए। दोनोें पक्षों की ओर से एक घंटे तक भारी पत्थरबाजी हुई। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर दोनों पक्षों को तितर-बितर किया।

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पथराव में 12 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इलाके में शाम तक तनाव का मौहाल था। मौके पर भारी तादाद में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर जाफराबाद के बाद मौजपुर और बाबरपुर मेट्रो स्टेशनों के एंट्री व एक्जिट गेट भी बंद कर दिए गए। पत्थरबाजी व भारी संख्या में लोगो के एकत्रित होने के कारण कई मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया था। चांद बाग में भी दो पक्षों में हल्का पथराव हुआ। यहां भी पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर हालात निंयत्रित करने पड़े।
 
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सीएए-एनआरसी के विरोध में जाफराबाद इलाके में डेढ़ माह से महिलाएं धरने पर बैठी हैं। शनिवार रात ये मेट्रो स्टेशन के नीचे सड़क पर बैठ गए थे। इससे वहां भारी जाम लग गया। पुलिस बल को मौके पर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा गया, लेकिन रविवार सुबह महिलाओं ने फिर से जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे की सड़क को एक तरफ से बंद कर दिया और नारेबाजी करने लगीं।
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देखते ही देखते बाबरपुर, मौजपुर से भी प्रदर्शनकारियों की भीड़ मेट्रो स्टेशन पर जुटने लगी। इसके चलते जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के गेट बंद कर दिए। इस बीच दोपहर करीब ढाई बजे भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर समर्थकों को तीन बजे मौजपुर पहुंचकर सीएए के समर्थन में एकजुट होने का आह्वान किया। जब यहां कपिल मिश्रा के समर्थक जुटने लगे तो मौजपुर की ओर से आ रहे सीएए के विरोधियों ने पथराव शुरू कर दिया।

 





इस पर दोनों पक्षों से भारी पत्थरबाजी होने लगी। जानकारी मिलते ही पुलिसबल मौके पर पहुंचा और आंसू गैंस के गोले छोड़कर दोनों पक्षों के लोगों को तितर-बितर किया। इलाके में तनाव का माहौल बनने पर मौजपुर और बाबरपुर मेट्रो स्टेशनों के गेट भी बंद करवा दिए गए। देर शाम तक दोनों पक्षों की ओर से रुक-रुककर पत्थरबाजी हो रही थी। एहितयात के तौर पर इलाके में भारी पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बल तैनात कर दिया गया है। 

पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने दिल्ली पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि जाफराबाद और चांद बाग की सड़कें खाली कराएं, अन्यथा इसके बाद हमें मत समझाना। हम आपकी भी नहीं सुनेंगे। ये लोग यही चाहते हैं कि दिल्ली में आग लगी रहे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जाने तक तो हम इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद हमें कोई नहीं रोक पाएगा।


इससे पहले कपिल और उनके समर्थक मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास सीएए के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे कि भीम आर्मी समर्थकों के साथ उनका आमन-सामना हो गया। दोनों पक्षों के बीच नोक-झोंक से शुरू हुआ मामला मारपीट तक पहुंच गया। इस दौरान दोनों के समर्थकों ने एक दूसरे पर पथराव भी किया। इससे मौजपुर का माहौल गंभीर हो गया है। बता दें कि मौजपुर जाफराबाद के बाद अगला ही मेट्रो स्टेशन है।

आलोक कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त (पूर्वी रेंज) ने कहा कि पुलिस पर पथराव भी किया गया, स्थिति को नियंत्रण में लाया गया है। पर्याप्त कर्मी तैनात किए गए हैं और फ्लैग मार्च किया जा रहा हैं। स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन कई लोग सड़क पर हैं। हम स्थानीय नेताओं से लगातार बात कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे।

शाहीन बाग मार्ग खुलवाने के लिए लोग सड़क पर जसोला-सरिता विहार के लोग


71 दिन से शाहीन बाग का रास्ता बंद होेने के कारण समस्याएं झेल रहे सरिता विहार, जसोला और आसपास के इलाके के लोगों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। उन्होंने सरिता विहार की सड़क बंद कर दी और वहीं बैठ गए। इस दौरान उन्होंने शाहीन बाग की तर्ज पर महिलाओं को आगे कर दिया। महिलाओं का आरोप है कि शाहीन बाग प्रदर्शन की वजह से उनके बच्चों को कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर बोर्ड परीक्षा देने जाना पड़ रहा है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

हंगामे की सूचना पर भारी पुलिस बल वहां पहुंच गया। पुलिस को देखकर स्थानीय लोगों ने ‘दिल्ली पुलिस जिंदाबाद’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मांग की कि शाहीन बाग में रास्ता घेरकर बैठे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर रास्ता जल्द खुलवाए।

इसके बाद पुलिस ने लोगों को समझाया। इसमें उसे पांच घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में लोग रास्ता खोलने पर राजी हो गए। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर सोमवार तक रास्ता साफ नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन पर मजबूर हो जाएंगे।

सरिता विहार निवासी रोहित और उनकी पत्नी ने रविवार सुबह व्हॉट्स ऐप पर स्थानीय लोगों से प्रदर्शन की अपील की थी। इस पर स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शाहीन बाग मेट्रो स्टेशन से पहले स्थित तिराहे पर पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने ईंट-पत्थर रखकर और गाड़ियां खड़ी कर तिराहे को बंद कर दिया और वहां बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी आरती अग्रवाल ने कहा कि शाहीन बाग का रास्ता बंद होने से इलाके में कई लोगों की नौकरी जा चुकी है। इसके बाद भी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शाहीन बाग में रास्ता बंद करने वाले लोग सुप्रीम कोर्ट के वार्ताकारों की भी नहीं सुन रहे। अब वे किसी की नहीं सुनेंगे। इसलिए पुलिस को हस्तक्षेप कर शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग कर रास्ते को खाली कराना चाहिए।

इधर, सरिता विहार का रास्ता बंद होने से जसोला मेट्रो स्टेशन की ओर जाने वाले रास्ते पर जाम लग गया। फरीदाबाद की ओर से आने वाली गाड़ियों को दूसरे रास्तों से घूमकर ओखला की ओर जाना पड़ा। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रदर्शन के दौरान पहुंची एंबुलेंस को रास्ता दे दिया गया।

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शाहीन बाग की ओर बढ़ने का भी प्रयास
प्रदर्शन की सूचना पर डीसीपी और अन्य आला अधिकारी पहुंच गए। पुलिस के पहुंचने के बाद वहां जमकर नारेबाजी हुई। प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग खासे गुस्से में थे। उन्होंने शाहीन बाग की ओर बढ़ने का प्रयास भी किया। पहले से चौकस पुलिसवालों ने उन्हें बैरिकेड पर ही रोक लिया। कई घंटे तक हंगामा चलने के बाद शाम करीब चार बजे प्रदर्शनकारी अपने घरों को लौट गए।

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