सोशल ट्रेडिंग साइट पर लाइक्स के नाम पर 1000 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में मंगलवार को भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। हालांकि पीड़ित लोग मंगलवार को भी एसएसपी ऑफिस पहुंचे और आरोप लगाया कि उक्त फर्जी सोशल ट्रेडिंग कंपनी एक भाजपा नेता की शह पर चल रही थी।
पीड़ितों ने बताया कि जब उन लोगों ने कंपनी के दो डायरेक्टरों को मसूरी थाने में पकड़वाया था तब इसी भाजपा नेता ने उन्हें छुड़वा लिया था। एसएसपी ने मामले की जांच एएसपी अनूप सिंह को सौंप दी है। इधर, पीड़ितों ने आरोपी डायरेक्टरों का पोस्टर बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया है। लोगों से इन्हें पकड़वाने की अपील की है।
गौरतलब है कि सोमवार को 20 हजार लोगों से एक हजार करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामना आया था। पीड़ित लोगों ने एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन कर बताया था कि साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया की एक बिल्डिंग में फर्जी सोशल ट्रेडिंग कंपनी संचालित थी।
इस बिल्डिंग में पासपोर्ट का ऑफिस भी है। उक्त कंपनी ने लोगों को 5750 से लेकर एक लाख 15 हजार रुपये के चार प्लान दिए थे और आठ रुपये प्रति लाइक के रूप में मिलते थे। पीड़ितों का कहना है कि कंपनी ने करीब 20 हजार लोगों को मेंबर बनाकर 1000 करोड़ रुपये की ठगी की है।
फिल्म एक्ट्रेस जरीन खान को बुलाकर दिया लोगों को झांसा
zareen khan
महाराजपुर स्थित पैसेफिक बिजनेस पार्क में कंपनी ने अपना ऑफिस खोला था। इस दौरान कंपनी के उद्घाटन के लिए बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान को बुलाया गया था। कंपनी संचालकों ने जरीन खान को कंपनी का ब्रांड एंबेसडर भी बना लिया।
पीड़ित आकाश बंसल ने बताया कि दिसंबर 2017 में कंपनी की तरफ से औद्योगिक क्षेत्र साइट चार स्थित एक बैंक्वेट हॉल में रिवार्ड और ई कॉमर्स लांच सेरेमनी का आयोजन किया गया था।
इसमें उनके जैसे क्लाइंट को कार और एलईडी टीवी जैसे उपहार भी दिए गए थे। डायरेक्टरों ने अपने फेसबुक पेज पर भी अपने साथ जरीन खान की फोटो शेयर की थी। एसएचओ लिंक रोड रोजंत त्यागी ने बताया कि उनके पास भी कोलकाता निवासी एक पीड़ित ने मामले की शिकायत दी है।
ठगी के शिकार लोगों ने एसएसपी ऑफिस में किया हंगामा
FRAUD SHIMLA
ठगी के शिकार लोग मंगलवार सुबह एक बार फिर इकट्ठा होकर एसएसपी ऑफिस पहुंचे। उन्होंने एसएसपी से मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की गुहार लगाई। पीड़ितों ने बताया कि चार अप्रैल को उन्होंने कंपनी के दो डायरेक्टरों को मसूरी थाने में पकड़वाया था। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही थी कि भाजपा का एक नेता वहां पहुंचा और पुलिस को धमकाने लगा। साथ ही प्रदेश में अपनी सरकार होने की धमकी देकर दोनों डायरेक्टरों को पुलिस से छुड़वा लिया।
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि मामले में भाजपा नेता की संलिप्तता की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
उधर, इस संबंध में भाजपा महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद पार्टी के आला पदाधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।
एक ही बिल्डिंग में खोले तीन ऑफिस
- फोटो : Demo Pic
एक पीड़ित ने बताया कि कंपनी ने पैसेफिक बिजनेस पार्क की एक ही बिल्डिंग में एक नहीं तीन ऑफिस खोल रखे थे। इन ऑफिसों में आईटी की टीम बैठती थी। ऑनलाइन बिजनेस को उस ऑफिस से कंट्रोल किया जाता था। फरार होने से पहले ही इस टीम का एक लैपटॉप और कुछ सिस्टम यहां रखे हुए थे। जब से ऑफिस बंद हुआ है उसके कुछ दिन बाद से वह दोनों ऑफिस भी बंद हो गए।
कंपनी ने दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, पंजाब, फिरोजाबाद, आगरा, हरियाणा आदि शहरों के लोगों को भी चूना लगाया है। आगरा निवासी पवन पांडेय ने बताया कि कंपनी ने आगरा में भी करीब एक हजार से अधिक लोगों को चपत लगाई है। उन्होंने कंपनी मालिक के खिलाफ आगरा के थाना सिकंदरा में शिकायत दी है।