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बगावती खटखटा रहे BJP का दरवाजा, पार्टी ने कहा अभी खड़े रहिए बाहर

Wed, 03 May 2017 04:36 PM IST
विनोद डबास/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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तीनों नगर निगम के चुनाव में भाजपा से बागवत करने वाले नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की अभी घर वापसी नहीं होगी। भले ही उनमें से कुछ नेता एवं कार्यकर्ता चुनावी दंगल में बाजी जीत चुके है।
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बागी नेताओं को घर वापसी के लिए दिल्ली में चुनाव होने का इंतजार करना होगा। क्योंकि भाजपा ही नहीं, बल्कि सभी दल चुनाव के दौरान अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए एक-दूसरे के दलों नेताओं और अपने बागियों को नेताओं पार्टी में शामिल करते है।

तीनों नगर निगम के चुनाव में भाजपा के बागी हुए अधिकतर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी में वापसी के लिए अपने आकाओं के माध्यम से दरवाजा खटखटाना आरंभ कर दिया है। मगर पार्टी के नेताओं ने उनको इंतजार करने का फरमान दिया है।
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पार्टी नेताओं ने उनसे कहा है कि अभी उनको वापस ले लिया तो नेताओं और कार्यकर्ताओं में अच्छा संदेश नहीं जाएगा। इसके अलावा नगर निगम चुनाव लड़े पार्टी के वे सभी उम्मीदवार भी नाराज होंगे, जिनके खिलाफ उन्होंने चुनाव लड़ा है और कार्य किया है।
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पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता नहीं

भाजपा नेताओं ने बागी होकर चुनाव जीत चुके अपने पुराने नेताओं को भी पार्टी में लेने से मना कर दिया है। क्योंकि भाजपा को तीनों नगर निगम में करीब दो तिहाई बहुमत मिला हुआ है।

इस कारण भाजपा को तीनों नगर निगम के सदन और विभिन्न समितियों में अन्य पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता नहीं है। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर सौ से अधिक नेता और कार्यकर्ता बागी होकर चुनाव लड़े थे, जिनमें आधा दर्जन नेता ही चुनाव जीतने में कामयाब रहे।

सूत्रों के अनुसार पार्टी नेताओं ने बागी हुए अपने करीबी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अभी इंतजार करने की सलाह दी है। उनको कहा गया है कि दिल्ली में जब भी कोई चुनाव होगा तो उन्हें पार्टी में शामिल कर दिया जाएगा। उनको बताया गया है कि बवाना विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव जल्दी होने वाला है और उस उपचुनाव के दौरान उनको पार्टी में प्रवेश दे दिया जाएगा।

उधर, तीनों नगर निगम में भाजपा की सरकार बनने के चलते सभी बागी जल्द से जल्द पार्टी में वापसी चाहते है, विशेषकर पार्षद बने नेता ज्यादा उतावले बताए जा रहे है। क्योंकि वह नगर निगम में उनकी पद पाने की चाहत है।
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