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कारोबारी ने दी जान, 9 अप्रैल से 1 मई के बीच रोजाना लिखा एक सुसाइड नोट

Wed, 03 May 2017 04:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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करावल नगर इलाके में व्यापार में घाटे के बाद कारोबारी ने 13 सुसाइड नोट लिखकर अपनी फैक्ट्री में फांसी लगा ली। मृतक के पास से मिले सभी सुसाइड नोट 19 अप्रैल से 1 मई तक के हैं। इस आधार पर पुलिस आशंका जता रही है कि पिछले करीब 13 दिनों से कारोबारी आत्महत्या करने का प्रयास कर रहा था।
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सभी सुसाइड नोट में उसने नोटबंदी के बाद घाटे का जिक्र किया है। पुलिस ने मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया। परिजनों से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, मृतक की शिनाख्त शालीमार सिटी, गाजियाबाद निवासी पीयूष (43) के रूप में हुई। पीयूष की जौहरीपुर, करावल नगर में पानी की टंकी बनाने की फैक्ट्री है। परिजनों के अुनसार नोटबंदी के कारण पीयूष की फैक्ट्री ठप हो गई थी।
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कर्मचारी भी काम छोड़कर चले गए थे

- फोटो : google
​रुपये न मिलने के कारण उसके कर्मचारी भी काम छोड़कर चले गए थे। पीयूष ने अपना काम दोबारा से सही करने का प्रयास किया, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया। इसी को लेकर वह काफी तनाव में था। शनिवार को परिजनों ने उसे परेशान न होने के लिए दिन भर समझाया भी था।

इस बीच सोमवार रात को पीयूष ने जौहरीपुर स्थित फैक्ट्री में फांसी लगा ली। पड़ोसियों ने पीयूष को पंखे से लटका देखकर मामले की सूचना पुलिस व परिजनों को दी। पुलिस को पीयूष की फैक्ट्री से 13 अलग-अलग सुसाइड नोट बरामद हुए।

सभी में उसने नोटबंदी के बाद हुए घाटे के बारे में और जिंदगी समाप्त करने की बात लिखी है। पुलिस सभी सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच कर रही है।
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