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..तो दिल्ली में कांग्रेस के कंधे पर बंदूक रखकर हित साधेगी भाजपा, आप से सीधे टक्कर से बच रही

Fri, 25 Oct 2019 12:06 PM IST
दुष्यंत शर्मा आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Delhi BJP
दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा कांग्रेस के कंधे पर भी बंदूक रखकर सियासी गोलियां चलाएगी। आम आदमी पार्टी (आप) के साथ सीधी टक्कर से बचने के लिए भाजपा रणनीतिक तौर पर दिल्ली में कांग्रेस के मजबूत होने की हवा देने लगी है। 
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चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर लौटते बीजेपी नेता - फोटो : अमर उजाला
भाजपा रणनीतिकार मानते हैं कि त्रिकोणीय मुकाबला होने की सूरत में भाजपा फायदे में रहेगी। विपक्षी वोटों के कांग्रेस व आप के बीच बंटने से उसे बढ़त मिल सकती है।दिल्ली की सियासत में आप का प्रवेश होने से पहले कांग्रेस व भाजपा में सीधा मुकाबला होता रहा था। 1993 विधानसभा चुनाव के अलावा भाजपा कभी भी दिल्ली की सत्ता हासिल नहीं कर सकी है। इसके बाद कांग्रेस ने लगातार तीन बार भाजपा को पटकनी दी।
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भाजपा के नवनिर्वाचित सांसद प्रवेश वर्मा, गौतम गंभीर, डा. हर्षवर्धन, मनोज तिवारी और हंसराज हंस - फोटो : अमर उजाला
2013 के विधानसभा चुनाव में दिल्ली की सियासत में आप के दाखिल होने से बड़ा बदलाव आया। हालांकि भाजपा 33 फीसदी वोट शेयर के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। लेकिन सत्ता की दौड़ से वह चार कदम पीछे रह गई थी। दूसरी तरफ 29.5 फीसदी वोट पाकर आप ने 24.6 फीसदी वोट पाने वाली कांग्रेस के समर्थन से 49 दिनों की सरकार चलाई थी। 2015 के विधानसभा में भाजपा का वोट शेयर कमोवेश 2013 जैसा रहा। लेकिन 32.3 फीसदी वोट लेने के बाद भी पार्टी तीन सीटों पर सिमट गई। इसकी बड़ी वजह कांग्रेस के वोट बैंक का आप की तरफ शिफ्ट हो जाना रहा। 

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bjp delhi protest - फोटो : ट्विटर
आप 54.3 फीसदी वोट लेकर 67 सीटें जीतने में कामयाब रही। जबकि 9.7 फीसदी पाने वाली कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली। दिल्ली के सियासी गणित को देखकर भाजपा की रणनीति है कि चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाया जाए। इसके लिए भाजपा नेता कांग्रेस के मजबूत होने की हवा देते रहेंगे। खासतौर से सुभाष चोपड़ा के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व कीर्ति आजाद के चुनाव प्रबंध समिति का अध्यक्ष बनने के बाद से।
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दिल्ली कांग्रेस की बैठक में मौजूद नेता - फोटो : ani
अपना प्रचार करने के साथ भाजपा बीच-बीच में यह दिखाने की कोशिश करेगी कि उसकी सीधी टक्कर कांग्रेस से है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने भी माना कि त्रिकोणीय मुकाबला उनके लिए फायदे का सौदा होगा। इसके लिए कांग्रेस का मजबूत होना जरूरी है। इसके लिए चुनाव में भाजपा को कांग्रेस के कंधे का इस्तेमाल करना पड़ेगा। 
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