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राघव चड्ढा ने कहा, कोरोना से मौत के आंकड़ों पर राजनीति कर रही भाजपा, माफी मांगे

Mon, 25 May 2020 05:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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राघव चड्ढा - फोटो : ani
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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा ने कहा है कि दिल्ली सरकार द्वारा जारी कोरोना से मरने वालों के आंकड़ों को दिल्ली हाईकोर्ट ने सही ठहराया है। हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के खिलाफ एक याचिका दायर की गई थी, जिसे खारिज करते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली सरकार की डेथ ऑडिट कमेटी अपने आप में पूरी तरह से सक्षम है और एकदम सही आंकड़े पेश कर रही हैं। 

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चड्ढा ने मौत के आंकड़े छिपाने का आरोप लगाने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को दिल्ली सरकार और दिल्ली की जनता से माफी मांगने को कहा है। उन्होंने कहा कि महामारी के समय में भी भारतीय जनता पार्टी ने झूठे और निराधार आरोप लगाकर दिल्ली सरकार पर कीचड़ उछालने का काम किया है। इसके लिए दिल्ली की जनता उनको कभी माफ नहीं करेगी। चड्ढा के मुताबिक कोर्ट ने यह भी कहा है कि दिल्ली सरकार ने मौत के आंकड़ों से कोई छेड़छाड़ नहीं की है।

दिल्ली में मृतकों की दर अन्य राज्यों से कम
चड्ढा ने कहा कि कोरोना की लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण आंकड़ा जो देखना चाहिए, वह मृत्यु दर है। दिल्ली सरकार ने अथक प्रयास कर के कोरोना से मरने वालों की दर को बहुत कम करके रखा है। लोगों को अच्छा इलाज दिया है, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं दी है। इससे मृत्यु दर को काफी हद तक संभालने की कोशिश की है और हम उसमें सफल भी हुए हैं। कितने लोग इस बीमारी से संक्रमित हुए, यह चिंता का विषय है, लेकिन कितने लोगों की जानें गईं, यह ज्यादा चिंता का विषय है। आंकड़ों की तुलना करें तो पता चलता है कि दिल्ली में कोरोना से मृतकों की दर अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। 

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भाजपा ने दिल्ली सरकार को घेरा 

भाजपा ने दिल्ली सरकार पर कोरोना महामारी के दौर में राजनीति करने का आरोप मढ़ा है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व दिल्ली प्रभारी श्याम जाजू ने कहा कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामले में लगातार बढ़ रहे हैं और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण ऐसा हो रहा है। 

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार कोरोना जांच के आंकड़े छुपा ही रही थी अब सरकारी व निजी अस्पतालों के बेड को लेकर भी झूठ बोल रही है। हकीकत यह है कि कोरोना संक्रमित मरीज बेड के अभाव में इलाज नहीं करवा पा रहे हैं।

दिल्ली सरकार के ही वकील ने हाईकोर्ट में माना है कि दिल्ली के सरकारी व निजी अस्पतालों में सिर्फ 3150 बेड है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा है कि कोरोना से जांच का वास्तविक आंकड़ा नहीं दिया जा रहा है। अस्पतालों में बेड की कमी के कारण मरीज घरों में ही रहने को मजबूर हैं। इस विफलता के लिए अरविंद केजरीवाल को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। 
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