सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बयान सामने आने के बाद सियासी माहौल गरमा चुका है। रविवार को भाजपा ने पीएम मोदी और पार्टी पर लगे आरोप का खंडन करते हुए दिल्ली पुलिस से मुख्यमंत्री की सुरक्षा समीक्षा की मांग की है। भाजपा ने दिल्ली पुलिस आयुक्त के अलावा गृहमंत्री राजनाथ सिंह और उपराज्यपाल अनिल बैजल को पत्र लिख कहा है कि सीएम केजरीवाल का बयान उनके सुरक्षाकर्मियों के अलावा दिल्ली पुलिस के मनोबल को नुकसान पहुंचाने वाला है। उनकी सुरक्षा के लिए जवान रात-दिन लगे रहते हैं, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री उन जवानों पर भी राजनीति कर रहे हैं।
भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि दिल्ली पुलिस को केजरीवाल से उनके आरोपों के लिए माफी की मांग करनी चाहिए और अगर वे माफी नहीं मांगते हैं तो उनकी सुरक्षा वापस लेनी चाहिए। कपूर ने पत्र में लिखा है कि सीएम केजरीवाल के आसपास तैनात सभी सुरक्षा कर्मियों को मनोवैज्ञानिक परामर्श दिया जाना चाहिए। साथ ही दिल्ली पुलिस को तुरंत उनके सुरक्षा कवर की समीक्षा करनी चाहिए।
दरअसल शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि भाजपा उनके पीछे पड़ी हुई है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरह उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी उनकी हत्या कर सकते हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर आम आदमी पार्टी और भाजपा के कार्यकर्ता और नेताओं में बहस छिड़ गई। इसी बहस में दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी शामिल हैं।