दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने आप सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री केजरीवाल पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि केजरीवाल के ऊपर कपिल मिश्रा के आरोप नहीं हैं, बल्कि एक तरह से यह उनके खिलाफ गवाही है।
मनोज तिवारी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मिश्रा की बातें सत्य हैं। केजरीवाल को अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए, क्योंकि कपिल मिश्रा काफी समय से मुख्यमंत्री के करीबियों में गिने जाते रहे हैं। ऐसे में उन्हें केजरीवाल के कार्यकलापों के बारे में अच्छे से पता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनता का विश्वास खो दिया है। अब जनता उनको कभी मौका नहीं देगी, क्योंकि केजरीवाल भ्रष्टाचार खत्म करने के नाम पर सत्ता में आए थे, लेकिन उन पर उनके सहयोगी ही भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं।
दूसरी ओर प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि जैसे-जैसे कुनबा बिखर रहा है, वैसे-वैसे आम आदमी पार्टी के नेता मानसिक संतुलन खोते जा रहे हैं। आप नेता संजय सिंह ने केजरीवाल सरकार में चल रहे भ्रष्टाचार के मुद्दों पर बेबुनियाद तर्क दिए हैं।
उन्होंने ऐसा दर्शाने की कोशिश की है कि मानो कपिल मिश्रा को भाजपा या कोई अन्य दल इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने आप नेताओं से सवाल किया कि उनके मुताबिक कपिल मिश्रा केजरीवाल और आप को बदनाम कर रहे हैं, तो फिर पार्टी उनको निष्कासित करके कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं कर रही।
मनोज ने कहा कि लगता है कि केजरीवाल जानते हैं कि यदि कपिल पर कोई कार्रवाई की, तो उनका झूठ का खेल पूरी तरह खुल जाएगा। उन्होंने कहा कि आप नेता बेतुके तर्क देने के बजाए कपिल मिश्रा की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब दें या उन पर कार्रवाई करें।