एमसीडी ने दिल्ली सरकार पर 9195.95 करोड़ रुपये रोक रखने का आरोप लगाया है। एमसीडी पार्षदों का कहना है कि फंड रोकने से एमसीडी के स्कूलों, अस्पतालों, डिस्पेंसरियों और सफाई के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दक्षिणी दिल्ली के पूर्व मेयर नरेंद्र चावला ने बताया कि कालकाजी व तिलक नगर में दो अस्पताल बनकर तैयार है।
सरकार अगर फंड दे देती है तो दोनों अस्पताल चालू हो जाएंगे। इसी तरह स्कूलों में बेहतर शिक्षा के लिए कई योजना तैयार है। सिर्फ इसके लिए फंड का इंतजार है।
इसी तरह पूर्वी दिल्ली में पार्किंग के लिए कई योजनाएं तैयार है। सबसे बड़ी समस्या एमसीडी को कर्मचारियों को वेतन देने की है। आए दिन सफाई कर्मी वेतन की मांग को लेकर हड़ताल कर देते है। इसी तरह एमसीडी की योजना वृद्धा पेंशन को एक हजार रुपये से बढ़ाकर दो हजार रुपये करने की है। एमसीडी कर्मचारियों को 225 करोड़ से अधिक का एक एमसीडी में एरियर रुका हुआ है।
फंड मिलते ही कर्मचारियों को एरियर मिल जाएगा। प्रदेश महामंत्री राजेश भाटिया ने बताया कि दिल्ली सरकार जानबूझकर फंड रोकने का काम कर रही है।