निगम की ओर से बुधवार को जांच कमेटी की रिपोर्ट को भी सार्वजनिक किया गया। रिपोर्ट में डॉक्टरों की टीम ने कहा है कि अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर नहीं है और न ही स्टाफ पूरा है। एक्सरे और एंबुलेंस तक की व्यवस्था यहां नहीं है। दवाओं का भंडारण भी उन्हें नहीं मिला। हर साल यहां 500 के आसपास बच्चे डिप्थीरिया बीमारी से भर्ती होते हैं और इनमें से करीब 21 फीसदी की अस्पताल में मौत हो जाती है। जबकि 25 सितंबर तक मौत की ये दर 12 फीसदी के आसपास देखी गई है। इस साल एक जनवरी से 30 सितंबर के बीच अस्पताल में डिप्थीरिया के चलते 424 बच्चे भर्ती हुए, इनमें से 61 की मौत हो चुकी है।
बॉक्स : सिंतबर माह में गलघोंटू बीमारी की स्थिति
साल भर्ती मौत
2015 88 22
2016 115 26
2017 99 20
2018 223 30