केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद तीनों नगर निगम में उसके पार्षदों ने सांसदों व विधायकों की तरह सैलरी व अन्य भत्तों का प्रावधान कराने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भेंट करने के बाद उनको एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने कई राज्यों में पार्षदों को पेंशन दिए जाने का हवाला दिया है।
राजनाथ से मिलने के बाद तीनों नगर निगम के मेयर, स्थाई समिति के अध्यक्ष, सदन के नेता व भाजपा के अन्य वरिष्ठ पार्षदों ने बैठक की। इस दौरान उन्होंने अपनी मांग संबंधी तीन पेज का पत्र तैयार किया, जिसमें कहा गया है कि वह भी सांसदों और विधायकों की भांति कार्य करते है और सदन के सदस्य है।
इतना ही नहीं, वह जनता से सीधे तौर पर जुड़े हुए और जनता भी उनके पास सीधे अपनी पहुंच रखती है। मगर पार्षदों को सांसदों व विधायकों की तरह सैलरी व भत्ते नहीं मिल रहे है। इस कारण उन्होंने अपना कार्यालय चलाने और जनता का कार्य करने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।