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स्टिंग ने बिगाड़ा खेल, टेंशन में भाजपा!

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आम आदमी पार्टी के स्टिंग के बाद भाजपा में ही सरकार बनाने को लेकर आम राय नहीं बन पा रही है। सरकार बनाने को सही बताने वाले अब इस सोच में पड़ गए हैं कि सरकार बनी तो आम जनता में गलत संदेश जाएगा।
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भाजपा का एक खेमा डैमेज कंट्रोल पर भी विचार कर रहा है। वहीं, अन्य प्रदेशों में होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद दिल्ली में सरकार बनाने या चुनाव कराने पर भी पार्टी सोचने लगी है।

बदले हालात में अब भाजपा के रणनीतिकार यह सोचने को भी मजबूर हो गए हैं कि अगर उपराज्यपाल सरकार बनाने के लिए बुलाते हैं तो एक बार फिर आमंत्रण को ठुकरा दिया जाएगा।
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तर्क यह दिया जा रहा है कि इस तरह से आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्टी के उस आरोप से भी बचा जा सकता है कि भाजपा खरीद-फरोख्त करके सरकार बनाने की मुहिम में है। साथ ही यह भी आरोप नहीं लगेगा कि भाजपा जोड़तोड़ करके सरकार बनाने की इच्छुक थी। इस तरह का कदम भाजपा लेती है तो स्टिंग के दाग से भी बेदाग हो जाएगी।
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तो ये होगा भाजपा हाईकमान का फैसला?

भाजपा रणनीतिकार यह भी सोच रहे हैं कि आने वाले समय में दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा में विधानसभा चुनाव होना है। अगर दिल्ली में जोड़तोड़ कर सरकार बनी तो इसका संदेश गलत जाएगा। भाजपा के एक गुट का मानना है कि हरियाणा, महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद ही दिल्ली में सरकार बनाने की कवायद की जाए।'

अगर तीनों बड़े राज्य में भाजपा बहुमत के साथ सरकार बना लेती है तो दिल्ली में भी चुनाव कराकर या सीक्रेट वोटिंग कराकर सरकार बनाई जा सकती है। अब देखना है कि केंद्रीय नेतृत्व क्या दिशा निर्देश देता है। हालांकि भाजपा की चुनाव समिति व संसदीय समिति की बैठक में दिल्ली के मुद्दे पर भी भाजपा नेता विचार करेंगे।

हालांकि दिल्ली में सरकार बनाने का सीधा मतलब से है कि भाजपा को जोड़तोड़ करनी ही पड़ेगी क्योंकि उसके पास विधायकों की निर्धारित संख्या नहीं है। ऐसे में पार्टी का अगला फैसला सबके लिए चर्चा का विषय बनला हुआ है।
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