आम आदमी पार्टी के स्टिंग के बाद भाजपा में ही सरकार बनाने को लेकर आम राय नहीं बन पा रही है। सरकार बनाने को सही बताने वाले अब इस सोच में पड़ गए हैं कि सरकार बनी तो आम जनता में गलत संदेश जाएगा।
भाजपा का एक खेमा डैमेज कंट्रोल पर भी विचार कर रहा है। वहीं, अन्य प्रदेशों में होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद दिल्ली में सरकार बनाने या चुनाव कराने पर भी पार्टी सोचने लगी है।
बदले हालात में अब भाजपा के रणनीतिकार यह सोचने को भी मजबूर हो गए हैं कि अगर उपराज्यपाल सरकार बनाने के लिए बुलाते हैं तो एक बार फिर आमंत्रण को ठुकरा दिया जाएगा।
तर्क यह दिया जा रहा है कि इस तरह से आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्टी के उस आरोप से भी बचा जा सकता है कि भाजपा खरीद-फरोख्त करके सरकार बनाने की मुहिम में है। साथ ही यह भी आरोप नहीं लगेगा कि भाजपा जोड़तोड़ करके सरकार बनाने की इच्छुक थी। इस तरह का कदम भाजपा लेती है तो स्टिंग के दाग से भी बेदाग हो जाएगी।