भाजपा ने सोमवार को नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के फ्लैगस्टाफ रोड स्थित पूर्व आवास 'शीश महल' के नवीनीकरण में 'बड़ा घोटाला' हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कैग की रिपोर्ट एक बड़ा मुद्दा होगी। लयहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कैग रिपोर्ट से यह भी संकेत मिलता है कि केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर खर्च की गई राशि की तुलना में विज्ञापनों पर कहीं अधिक खर्च किया।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि सीएजी रिपोर्ट मुख्यमंत्री के बंगले की सच्चाई सामने आ गई है। इसमें सभी नियमों की अवहेलना हुई है। इसे बनाने में 342 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। 33.66 करोड़ की लागत सीएजी के समक्ष ही रखा गया जबकि इससे अधिक खर्च हुआ है।
वीरेंद्र सचदेवा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ''शीशमहल'' को लेकर सामने आई सीएजी रिपोर्ट से सबसे पहली बात जो साफ हुई है वह है कि अरविंद केजरीवाल सरकार में लोक निर्माण विभाग को निजी संस्था के रूप में काम कराया गया। इसे बनवाने के लिए भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। संबंधित मंत्री ने भी आंखें मूंद लीं। 1 सितंबर 2020 वर्क आर्डर 7.91 करोड़, 8 जून 2021 को रसोई, लौंडरी के नाम पर 1.62 करोड़ का अतिरिक्त वर्क आर्डर किया गया। 22 अक्टूबर 2021 को बिना किसी अनुमति को बंगले के सुपर एरिया में वृद्धि दिखाते हुए 9.09 करोड़ का नया वर्क आर्डर हो गया। फिर 30 दिसंबर 2021 को बंगले के सौन्दर्यीकरण के नाम पर 5.73 करोड़ की लागत और बढ़ा कर वर्क आर्डर किया गया। 29 जून 2022 को सभी नियम कानून ताक पर रखकर अतिरिक्त सौन्दर्यीकरण के नाम पर 9.34 करोड़ का एक और वर्क आर्डर जारी हो गया। सचदेवा ने कहा है कि यदि हमे इस बंगले की असल लागत का अंदाज लगाना है तो अनेक विभागों के खातों की जांच के साथ ही 11 अक्टूबर 2024 को पीडब्लूडी के इनवेंटरी को जोड़ना होगा। 80 करोड़ की लागत से अवैध रूप से बना है यह बंगला।
सीएम का आवास अस्थायी, फिर 33 करोड़ रुपये खर्च क्यों किए: लांबा
कांग्रेस नेता अलका लांबा ने मुख्यमंत्री निवास पर 33 करोड़ रुपये खर्च करने को लेकर सवाल उठाए हैं। लांबा ने कहा कि यह पैसा वायु प्रदूषण, जल आपूर्ति और महंगाई जैसे मुद्दों पर खर्च होना चाहिए था, न कि मुख्यमंत्री के अस्थायी आवास पर। उन्होंने सीएजी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यह खर्च आम जनता के पैसे का दुरुपयोग है। लांबा ने कहा कि आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने जो पैसे अपने आवास पर खर्च किए, वे जनता के थे, जबकि लोग महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। कांग्रेस के कस्तूरबा नगर विधानसभा सीट से उम्मीदवार अभिषेक दत्त ने भी ‘’शीश महल’’ को भ्रष्टाचार का प्रतीक करार देते हुए जांच की मांग की। ब्यूरो
सीएजी की रिपोर्ट नहीं, फर्जी दस्तावेज दिखा रही भाजपा : आप
आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा पर तीखा प्रहार किया है। राज्यसभा सदस्य संजय सिंह का आरोप है कि सीएजी की रिपोर्ट शील्ड कवर में होती है, जो अभी टेबल नहीं हुई है। इस पर भाजपा फर्जी दस्तावेज दिखा रही है।
संजय सिंह ने कहा कि गुजरात, उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की सीएजी रिपोर्ट्स में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। भाजपा का इस पर क्या कहना है। देश के सभी भ्रष्टाचारी भाजपा के साथ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2,700 करोड़ रुपये के घर में रहने वाले, 8,400 करोड़ रुपये के विमान में यात्रा करने वाले और 10 लाख रुपये के सूट पहनने वाले एक नेता सीएम आवास के बारे में बात कर रहे हैं। दिल्ली चुनाव से पहले भाजपा की ध्यान भटकाने की यह पुरानी रणनीति है, जहां वह पूरी तरह से चुनाव हार चुकी है। संजय सिंह ने दावा करते हुए कहा कि सीएजी रिपोर्ट ने गुजरात में एक बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा किया है।