दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र के पांचवें दिन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा होने लगा। भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता को विधानसभा उपाध्यक्ष ने पूरे सत्र के लिए निष्कासित कर दिया। वहीं, विधानसभा में केजरीवाल सरकार का विश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से पास हो गया है।
दिल्ली विधानसभा में केजरीवाल सरकार का विश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से पास हो गया है। प्रस्ताव के पक्ष में मुख्यमंत्री समेत 58 सदस्य खड़े हुए जबकि विरोध में कोई नहीं खड़ा हुआ। वहीं, दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र के पांचवें दिन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा होने लगा।
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विधानसभा में भ्रष्टाचार के मामले पर चर्चा करने के लिए भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता और विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिड़ला में जमकर बहस हुई, जिसके बाद उपाध्यक्ष ने विजेंद्र गुप्ता को पूरे सत्र के लिए निष्कासित कर दिया।
वहीं, विधानसभा उपाध्यक्ष ने हंगामा करने के चलते भाजपा के अभय वर्मा, अजय महावर, अनिल वाजपेई को पूरे दिन के लिए सदन से निकाल दिया गया। इसके बाद भाजपा के नेता और कार्यकर्ता दिल्ली सरकार के खिलाफ विधानसभा सदन के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। उन्होंने विधानसभा के गेट के पास दिल्ली सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला जलाया।
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मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दावा किया कि मनीष सिसोदिया के पास कुछ भी नहीं मिला है। इसके बावजूद उनको गिरफ्तार किया जाएगा वह गिरफ्तारी के लिए तैयार हैं। जिस दिन सीबीआई कहेगी वह उसके पास चले जाएंगे। उन्होंने कहा उन्हें निरंतर प्रधानमंत्री से ईमानदारी का सर्टिफिकेट मिल रहा है। एक बार फिर मनीष सिसोदिया को भी ईमानदारी का सर्टिफिकेट मिल गया है।
केजरीवाल ने कहा कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई की रेड लगने के बाद गुजरात में आम आदमी पार्टी का 4% वोट बढ़ गया है। उनको दो बार गिरफ्तार करने के बाद गुजरात में आप की सरकार बनना तय है। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार पार्टी है, उसकी सरकार भी कट्टर ईमानदार है और उनके तमाम नेता कट्टर ईमानदार हैं, जबकि भाजपा को उन्होंने कट्टर बेईमान पार्टी करार दिया और कर्नाटक के कई घोटाले उन्होंने गिनाए।