बवाना में हुए हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है इसे लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी में चल रहे विवाद में आप के असंतुष्ट विधायक कपिल मिश्रा भी कूद गए हैं। कपिल मिश्रा ने स्वाती मालीवाल के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा कि 50,000 अवैध फैक्ट्री? ये तो दिल्ली सरकार के डीएसआईआईडीसी का औधोगिक क्षेत्र है। ये तो अरबों का घोटाला है। जिंदगियों से खिलवाड़ भी।
इस बीच दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि जांच कमेटी गठित कर दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि दिल्ली में पटाखा फैक्ट्री लगाने के लिए लाइसेंस दिया गया था। इसके बावजूद अगर पटाखा फैक्ट्री चलाई जा रही थी तो यह गैरकानूनी है।
पटाखा फैक्ट्री के गिरफ्तार मालिक मनोज जैन ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि वह होली और स्टेज पर इस्तेमाल होने वाले पटाखे पैक करवाता था जिसके लिए किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं होती। हालांकि पुलिस उसके इस दावे की जांच कर रही है।
दिल्ली फायर सर्विस के निदेशक जीसी मिश्रा ने बताया है कि दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इमारत में बेतरतीब ढंग से बिजली के तार बिखरे हुए थे। मुझे आशंका है कि वहां पहले आग लगी होगी। हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही संभव है।
निदेशक का कहना है कि ऐसी संभावना लगती है कि इस इमारत का निर्माण हाल ही में हुआ था। जबकि यह इलाका केवल प्लास्टिक फैक्ट्री के लिए बनाया गया है। जांच में ही इस बात का खुलासा हो सकता है कि फैक्ट्री चलाने के लिए एनओसी सर्टिफिकेट लिया गया था या नहीं।
इस तरह की फैक्ट्री लगाने के लिए लाइसेंस लिया गया था या नहीं इसकी सही जानकारी लाइसेंस देने वाली एजेंसियां ही दे सकती हैं। हालांकि हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि इसे किस तरह के व्यापार के लिए लाइसेंस दिया गया था।