बीजेपी ने लगाया दिल्ली सरकार पर घोटाले का आरोप
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प्रदेश भाजपा ने दिल्ली सरकार पर बिजली कंपनियों के साथ मिलकर घोटाला करने का आरोप मढ़ा है। भाजपा का कहना है कि लॉकडाउन में सब्सिडी व फिक्स चार्ज के नाम पर सरकार ने 1131 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। इससे पानी माफ, बिजली बिल हाफ के दावे का भी पोल सरकार का खुल गया है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में सोमवार को कहा कि सत्ता हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी के दावों की पोल खुल गई है। दिल्ली वाले बिजली बिलों में राहत की गुहार लगा रहा हैं, लेकिन मुख्यमंत्री घोटाले को अंजाम दे रहे हैं। लॉकडाउन में जब मीटर रीडिंग नहीं ली जा रही थी तब भी 94 दिनों का बिजली बिल भेजा गया। इन बिजली बिलों में प्रतिमाह के अनुसार खपत भी दिखाई गई है, लेकिन जिस महीने में खपत 200 व 400 यूनिट से भी कम है वहां भी उपभोक्ता को सब्सिडी नहीं मिली। बजट में दिल्ली सरकार ने 12 महीने के लिए 2820 करोड़ रुपए सब्सिडी का प्रावधान किया है, लेकिन लॉकडाउन में उपभोक्ताओं को सब्सिडी न देकर बिजली कंपनियों और डीईआरसी के साथ मिलकर 726 करोड़ रुपए का घोटाला किया है।
गुप्ता ने तर्क दिया कि 33 रेगुलराइज इंडस्ट्रियल एरिया, जबकि 22 रिडिवेलप्ड अनप्लानड एरिया और हाउस होल्ड इंडस्ट्रीज (11 किलोवॉट कनेक्शन एवं 9 लोग काम करते हैं) लगभग 2 लाख छोटी-बड़ी इंडस्ट्रीज दिल्ली में काम करती हैं। लॉकडाउन के दौरान इंडस्ट्रीज पूरी तरह बंद थीं। लेकिन बिजली कंपनियों ने फिक्स चार्ज/एवरेज बिल के नाम पर भारी भरकम बिल भेज दिया है। दिल्ली में लगभग 4 लाख दुकानें शॉपिंग मार्केट में, लगभग 2 लाख ऑफिस, ट्रेड एवं कॉम्पलैक्स व डिस्ट्रिक सेंटर में हैं। इसके अलावा 1 लाख दुकानें होल सेल मार्केट में हैं। लॉकडाउन के दौरान यह सब भी पूरी तरह बंद थे। बावजूद बिजली बिल भेजा गया।
सरकार अगर सब्सिडी का लाभ नहीं देती है तो भाजपा आंदोलन करेगी। इस मौके पर विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी, यूनाइटेड रेजिडेंट्स ऑफ दिल्ली (यूआरडी) के महासचिव सौरभ गांधी भी उपस्थित थे।