दिल्ली विधानसभा में महिला विधायक अलका लांबा को मार्शल की मदद से सदन से बाहर निकलवाया गया। सत्ता पक्ष की बागी विधायक दिल्ली सरकार के अस्पताल में दवा न होने के बारे में सवाल उठा रही थीं। हालांकि सदन में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मामले की जांच का भरोसा दिलाया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट अलका लांबा ने दोबारा अपनी बात रखनी चाही। विधानसभा अध्यक्ष ने इस दौरान नियम 280 के तहत हो रही चर्चा का हवाला दिया। विधानसभा अध्यक्ष के बार-बार मना करने के बाद भी जब वह चुप नहीं बैठी तो अध्यक्ष ने मार्शल बुलाकर लांबा को सदन से बाहर निकलवा दिया।
इससे पहले अलका लांबा सवाल उठाया कि जीबी पंत अस्पताल में दवा नहीं मिल रही है। जबकि सरकार का दावा है कि अस्पताल में दवाइयां मुफ्त में मिलती है। उनके सामने दो ऐसे मामले आ गए हैं, जिसमें एक बच्चे के दिल का इलाज होना था जबकि एक न्यूरो का मरीज था।
इसका जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि अस्पतालों में रोजाना हजारों की संख्या में मरीज आते हैं। इसमें से करीब 75 फीसदी दिल्ली से बाहर के हैं। इससे दिल्ली के मरीजों को दिक्कत आती है। अध्यक्ष ने अलका लांबा को बोलने से मना किया। बार-बार चेतावनी को अनसुना करने पर विधानसभा अध्यक्ष ने महिला मार्शल को बुलाकर अलका लांबा को सदन से बाहर निकलवा दिया। बाद में अलका लांबा ने आरोप लगाया कि सदन में उनकी आवाज का दबाया जा रहा है।