सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दी रेनू
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें रेनू को बच्ची को गोद में ले जाते हुए देखा गया। सर्विलांस और स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि रेनू और दिनेश पहले ईंट-भट्टों पर काम करते थे। पुलिस ने कासगंज, अलीगढ़, संत कबीरनगर, गाजियाबाद, राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न भट्टों पर सर्च ऑपरेशन चलाया।
भिवानी जिले में कर रहे थे काम
आखिरकार पुलिस को सूचना मिली कि हरियाणा के भिवानी जिले के खोड़ी इलाके में एक महिला और पुरुष एक छोटी बच्ची के साथ काम कर रहे हैं। वे नोएडा जाने वाले हैं। इस सूचना के आधार पर 22 मार्च को पुलिस ने बिसरख स्थित आम्रपाली रिवर व्यू सोसाइटी से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया।
दूसरे पति से बच्चा नहीं होने पर वारदात को दिया अंजाम
पूछताछ में रेनू ने बताया कि उसकी शादी 25 साल पहले राजवीर से हुई थी और उसके चार बच्चे हैं। चार साल पहले उसकी मुलाकात दिनेश से हुई, जिससे उसका प्रेम संबंध बन गया। इसके बाद वह अपने पति और बच्चों को छोड़कर दिनेश के साथ नोएडा में रहने लगी। रेनू और दिनेश को कोई संतान नहीं हुई, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान थे। इसी कारण उन्होंने मिलकर रीता की बेटी सोम्या को अगवा करने की योजना बनाई। अपहरण के बाद दोनों ने अपने मोबाइल और सिम तोड़कर फेंक दिए, ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रेनू मूल निवासी नगला जार, थाना इगलास अलीगढ़ व दिनेश निवासी ग्राम अमृतपुर भोडा गांव थाना सिंडराऊ हाथरस के रूप में हुई है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच्ची को सकुशल बचा लिया गया और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है।