बिसाहड़ा (इकलाख के गांव) में मनी मीठी ईद
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जिले भर में मंगलवार को जहां कुर्बानी देकर बकरीद मनाई गई, वहीं बिसाहड़ा में मीठी ईद मनाई गई। गांव में बकरे की कुर्बानी नहीं दी गई। यहां लोगों ने सेवई और उबले हुए नमकीन चने से बकरीद मनाई। हालांकि इस बार बकरीद की मुबारकबाद देने वालों की कमी रही।
इकलाख की हत्या के बाद यह पहली बकरीद थी। मंगलवार को बिसाहड़ा में राजतपुर गांव के नजदीक बनी ईदगाह पर मस्जिद के मौलाना दाउद ने नमाज अदा कराई। सुबह 8:30 बजे शुरू हुई नमाज नौ बजे खत्म हुई।
इस दौरान चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। ग्रामीणों ने बताया कि नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिंदू परिवारों को फोन कर दावत के लिए बुलाया, लेकिन हिंदू समाज के कम लोग ही बकरीद की मुबारकबाद देने पहुंचे।