बिसाहड़ा गांव में इकलाख हत्याकांड व परिजनों पर जानलेवा हमला करने के मामले में 18 आरोपियों की पेशी शनिवार को जनपद न्यायालय में सीजेएम के समक्ष होगी।
जारचा कोतवाली क्षेत्र के गांव बिसाहड़ा में 28 अक्तूबर की रात प्रतिबंधित पशु को मारने को लेकर पीट-पीटकर इकलाख की हत्या कर दी गई थी। बेटे दानिश पर भी जानलेवा हमला किया गया था। मामले में इकलाख की पत्नी इकरामन ने दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
आरोप है कि अभियुक्तों ने जाते हुए इकलाख की बेटी शाइस्ता और मां असगरी को जान से मारने की भी धमकी दी थी। मामले में पुलिस ने दस आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद शाइस्ता और दानिश के बयान के बाद 9 लोगों को और आरोपी बनाया गया।
पुलिस अब तक 15 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप-पत्र दायर कर चुकी है। मामले में 16 आरोपी अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें दो आरोपी नाबालिग होने के चलते बाल सुधार गृह में हैं।
पुलिस फरार आरोपी की भूमिका के बारे में जांच कर रही है। परिजनों का कहना है कि वह नोएडा के एक मॉल में नौकरी करता है। घटना के दौरान वह ड्यूटी पर था। इसके साक्ष्य पुलिस को दिए गए हैं।
मामले में आरोपी अरुण (पशुओं का झोलाछाप डॉक्टर) की जमानत अर्जी को न्यायालय ने खारिज कर दिया है। न्यायालय ने अरुण की घटना में भूमिका को गंभीरता से लिया है।
आरोप है कि अरुण ने ही प्रतिबंधित पशु का मांस बताकर लोगों को गुमराह किया था। उसकी भूमिका को शाइस्ता और दानिश ने मुख्य बताया है। दोनों गवाह के बयान को गंभीरता से लेते हुए ही जमानत अर्जी को न्यायालय ने खारिज किया था।