साइबर सिटी के बीच बसे अरावली बायोडायवर्सिटी पार्क को अब शहर के मिजाज के हिसाब से तैयार किया जाएगा। नगर निगम सीधे प्रस्ताव न बनाकर इसके लिए स्थानीय लोगों की रायशुमारी में जुट गया है।
ऑनलाइन रायशुमारी के लिए 15 अप्रैल तक का समय दिया गया है। आमजन की ओर से आए सुझाव पर नगर निगम एक कमेटी बनाकर सभी बिंदुओं पर चर्चा करेगी और फिर उस पर अमल किया जाएगा।
निगम ने पंचकूला व चंडीगढ़ के पार्कों की तरह लोगों को सुविधा देने के लिए बायोडायवर्सिटी पार्क के अंदर एक इंटरप्रिटेशन सेंटर (व्याख्या केंद्र) बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसमें एक गैर सरकारी संस्था द्वारा अलग-अलग समय पर विभिन्न तरह की प्रदर्शनी का आयोजन किया जा सकेगा। इसके साथ ही यहां पर आने वाले लोगों के लिए एक कैफे की व्यवस्था होगी, जहां भागदौड़ की जिंदगी के बाद हरियाली के बीच लोग सुकून के दो पल बिता सकेंगे।
बता दें कि वन विभाग द्वारा निगम के बायो डायवर्सिटी पार्क को सिटी फोरेस्ट के रूप में विकसित करने की योजना करीब डेढ़ साल पहले तैयार की गई थी, जिसमें पूरे वन क्षेत्र को छह भागों में बांटकर अलग-अलग सुविधाओं के साथ शुरू करने का निर्णय लिया गया था, जो अब धीरे-धीरे परवान चढ़ेगी।
शुरुआती तौर पर पार्क में 4000 सेे 5000 वर्ग फीट में इंटरप्रिन्योर सेंटर के रूप में विकसित करने के साथ ही यहां अन्य कलाओं को भी प्रोत्साहित करने का मौका दिया जाएगा। सेंटर की वैचारिक योजना के अनु़सार अरावली पहाडिय़ों में करीब 576 एकड़ में बनाए गए इस पार्क में वॉकिंग करने के साथ ही यहां उनके खाने-पीने की भी व्यवस्था होगी। लोग यहां छोटी-छोटी पहाड़िय़ों के बीच हरियाली का आनंद ले सकेंगे।
पार्क में करीब 160 प्रजातियों के पक्षी
करीब पांच वर्ष पहले तक जहां अरावली की पहाड़ियों में खनन होता था, वहां अब इस एरिया को तब्दील कर बायोडायवर्सिटी पार्क बना दिया गया है। इसमें मुख्य रूप से गुड़गांव की गैर सरकारी संस्था आईएम-गुड़गांव ने सहयोग किया था। संस्था के संस्थापक लतिका ठुकराल के अनुसार अब बायोडायवर्सिटी पार्क में करीब 160 प्रजातियों के पक्षी और करीब 300 दुर्लभ प्रजाति की वनस्पति के साथ ही कई प्रकार के जीव-जंतु हैं।
ये भी जानें
-पार्क का कुूल क्षेत्र-576 एकड़
-इंटरप्रिटेशन सेंटर-2500 स्क्वायर फीट
-कैफे -1200 स्क्वायर फीट
-पब्लिक टॉयलेट-650 स्क्वायर फीट
-किचन-350 स्क्वायर फीट
-महरौली-गुड़गांव रोड स्थित गुरु द्रोणाचार्य मेट्रो स्टेशन से दूरी 1 किलोमीटर, जबकि इफको चौक से 6 किलोमीटर दूरी पर यह पार्क है।
शहरी जिंदगी से अलग बायोडायवर्सिटी पार्क में मनोरंजन व अन्य आयोजन के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही खानपान के लिए कैफे भी बनाया जाएगा। इसके लिए आमजन से सुझाव मांगे गए हैं। -रोहित यादव, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम, गुड़गांव