कासना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत शुक्रवार शाम सिरसा गांव में एक हिस्ट्रीशीटर ने बाइक सजावट में देरी होने पर दुकान के संचालक को गोली मार दी। घटना में दुकान संचालक समीर (24) निवासी दलेलगढ़ दनकौर घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं, पुलिस ने घटना के करीब चार घंटे के भीतर ही आरोपी नरेन्द्र शर्मा निवासी लडपुरा गांव कासना को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल, खोखा कारतूस व एक बुलेट बरामद हुई है।
समीर सिरसा में बाइक सजावट की दुकान चलाता है। शनिवार शाम करीब साढ़े चार बीजे नरेंद्र शर्मा (35) निवासी लड़पुरा किसी काम से उसकी दुकान पर आया था। आरोप है समीर किसी दूसरी गाड़ी में काम कर रहा था। आरोपी ने समीर से कहा कि पहले उसकी गाड़ी में जरूरी काम करें। इस पर समीर ने जब आरोपी से कहा कि वह थोड़ा इंतजार करें, तब तक वह उसके लिए कोलड्रिंक मंगवा देता है। इस पर आरोपी आग बबूला हो गया। उसने तमंचे से फायर कर दिया। गोली के छर्रे समीर को लगे। जिससे वह घायल हो गया। उसे इलाज के लिए ग्रेटर नोएडा कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चले रहा है।
एडिशनल डीसीपी ग्रेटर नोएडा सुधीर कुमार का कहना है कि घटना के संबंध में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पीड़ित का उपचार चल रहा है। पीड़ित खतरे से बाहर है। आरोपी नरेंद्र शर्मा के संबंध में जानकारी की गई तो पता चला कि वह थाना कासना का हिस्ट्रीशीटर है, जिसका अपराधिक इतिहास है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तत्काल दो टीमों का गठन किया गया था। पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मैन्युअल इंटेलिजेंस के माध्यम से अभियुक्त नरेंद्र शर्मा के ओमिक्रोन के ग्रीन बेल्ट एरिया के पास होने की सूचना प्राप्त हुई।
पुलिस टीम ने आरोपी की घेराबंदी कर गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया तो आरोपी घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल से पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायर करते हुए भागने का प्रयास किया गया। पुलिस टीम ने आत्मरक्षार्थ की। जवाबी कार्रवाई में आरोपी नरेंद्र शर्मा को पैर में गोली लगने के कारण घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है। आरोपी के खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास का मुकदमा गाजियाबाद के थाने और कासना कोतवाली में दर्ज है।
अक्सर दुकान आता रहता है आरोपी
पिता रफीक का कहना है कि उनके तीन पुत्र है। वह लकड़ी का काम करते हैं। सबसे छोटा पुत्र वाहनों को सजाने की दुकान करता है। वह कभी भी किसी को कुछ नहीं कहता है। उसने सिरसा गांव में किराये की दुकान ले रखी है। जिस आरोपी ने गोली मारी है। वह अक्सर पुत्र की दुकान पर आता रहता है। आरोपी ज्यादातर शराब पीकर आता था। डॉक्टरों ने सीने में गोली लगने की बात कहकर पुत्र के आईसीयू में होने की बात बताई है। इलाज का खर्च कैसे उठाएंगे कुछ पता नहीं।