एक साल पहले फरवरी 2018 में तीन बार बैठक के बाद एलजी ने बाइक एंबुलेंस शुरू करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद दिल्ली सरकार ने उच्च तकनीक से लैस 16 बाइक एंबुलेंस खरीदीं, लेकिन सड़कों पर ये दिखाई नहीं दी। एक साल में 2 बार सर्विस होने के बाद अब बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली सचिवालय से बाइक एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाएंगे।
सूत्र बताते हैं कि सीएम केजरीवाल के साथ स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी मौजूद होंगे। सीएम केजरीवाल बाइक एंबुलेंस की टेस्ट ड्राइव भी कर सकते हैं। हालांकि इस दौरान सभी बाइक एंबुलेंस को शुरू नहीं किया जाएगा।
बाइक एंबुलेंस के स्टाफ का कहना है कि अभी भी पूर्वी दिल्ली की सड़कों पर उतरने के लिए ये बाइक पूरी तरह तैयार नहीं हैं। सरकारी महकमे की लचर व्यवस्था के चलते बाइक एंबुलेंस के पायलट प्रोजेक्ट में वक्त लग रहा है, जबकि अभी इसे दिल्ली के अन्य हिस्सों में भी शुरू किया जाना है।
ऐसी है बाइक एंबुलेंस
तंग गलियों और भारी जाम से भी निकालकर मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए सरकार ने पिछले वर्ष बाइक एंबुलेंस खरीदी थीं। इन 16 बाइक एंबुलेंस को फर्स्ट रिस्पांडर व्हीकल (एफआरवी) नाम दिया है। सभी बाइक फर्स्ट एड किट से लैस होंगी। ऑक्सीजन के छोटे सिलेंडर भी होंगे। इन पर एंबुलेंस की तरह ही लाइट और सायरन लगा है। प्रदूषण को देखते हुए इन बाइक पर ग्रीन किट लगाई है। पूर्वी दिल्ली के शाहदरा, पूर्वी और उत्तरी पूर्वी जिलों में इसे चलाया जाना है। इसे प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मचारी चलाएगा। यह मरीज को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट नहीं करेगा। यह सुविधा रात में उपलब्ध नहीं होगी।
खड़े-खड़े ही हो गई पहली सर्विस
बाइक खरीदने के बाद सरकारी विभागों की लापरवाही के चलते इन पर फर्स्ट एड किट नहीं लगाई गई। पांच माह गुजरने के बाद भी किट उपलब्ध नहीं हुई। वहीं नई बाइक की सर्विस कराने का वक्त भी आ गया था। पहली सर्विस पिछले वर्ष अक्तूबर में हुई थी। बताया जा रहा है कि अब लांच से पहले भी एक और सर्विस कराई गई है।
50 से अधिक उम्र का भी रोड़ा
बीते दिनों दिल्ली कैट्स यूनियन बाइक एंबुलेंस को लेकर विरोध भी जता चुकी है। यूनियन की मानें तो बाइक एंबुलेंस के लिए 50 से अधिक उम्र के कर्मचारियों को तैनात किया जा रहा है, जबकि शारीरिक रूप से ये बाइक एंबुलेंस के लिए सक्षम नहीं है। यूनियन ने राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा था कि बाइक एंबुलेंस पर ऑक्सीजन सिलेंडर समेत 35 किलो वजन की सामग्री होगी। ऐसे में अगर युवाओं को इस नई बाइक एंबुलेंस सेवा की जिम्मेदारी दी जाए, तो बेहतर होगा।