बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप पर बिहार के श्रमिकों के साथ तमिलनाडु में मारपीट करने व वहां से भगाने का फर्जी वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करने का आरोप है। इस मामले ने बिहार से लेकर तमिलनाडु तक तूल पकड़ लिया था। इसके बाद बिहार सरकार की एक उच्च स्तरीय टीम तमिलनाडु जाकर जांच की। जांच में पूरा प्रकरण फर्जी पाया गया था। इसके बाद बिहार पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया था। बिहार की आर्थिक अपराध शाखा मनीष को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ कर रही है।
पूछताछ में मनीष ने बताया था कि नोएडा के सेक्टर-70 में उसका एक फ्लैट है और वहीं उसका मोबाइल रखा हुआ है। इसके बाद बिहार पुलिस की टीम शुक्रवार को नोएडा पहुंची और कोतवाली फेज थ्री पुलिस से इस मामले में सहयोग मांगा। इसके बाद नोएडा पुलिस के सब इंस्पेक्टर व अन्य पुलिसकर्मी बिहार पुलिस के साथ सेक्टर-70 स्थित फ्लैट पर पहुंची। वहां पता चला कि यह फ्लैट मनीष कश्यप के नाम पर नहीं है और कई महीने पर वह कुछ दिन तक इस फ्लैट में रहा था। इसके बाद बिहार पुलिस ने फ्लैट को सर्च किया लेकिन यहां मनीष कश्यप का मोबाइल नहीं मिला। इसके बाद बिहार पुलिस की टीम वापस चली गई।