23 मार्च को तीनों कर रहे थे अनैतिक कार्य
महिला का पति आशीष झा बिहार भागा हुआ है। दरअसल समलैंगिक रिश्तों की वजह से महिला की हत्या कर दी गई। 23 मार्च को विवेकानंद, सोनू और आशीष मकान के एक कमरे में अनैतिक कार्य कर रहे थे। अंजू ने इनको देखा तो तीनों ने पोल खुलने की डर से इसकी हत्या कर दी। बाद में शव को कंबल में लपेटकर बैग में डाला गया। इसके बाद बेड के बॉक्स में छिपा दिया गया।
पति के पकड़े जाने के बाद सुलझेगी गुत्थी
शाहदरा जिला की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नेहा यादव ने बताया है कि अंजू की हत्या क्यों हुई इसकी असली वजह उसके पति के पकड़े जाने के बाद ही पता चल पाएगी। अंजू के अपने पति से संबंध भी ठीक नहीं थे। कहीं ऐसा तो नहीं कि अंजू की हत्या की वजह कुछ और हो। पुलिस पकड़े गए बाकी आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
बदबू आने की सूचना पर पहुंची थी पुलिस
अतिरिक्त उपायुक्त नेहा यादव ने बताया कि शुक्रवार शाम 4.37 बजे उनकी टीम को सूचना मिली थी कि विवेक विहार के झिलमिल स्थित सत्यम एंक्लेव के एक मकान से बदबू आ रही है। सूचना मिलने के पुलिस मौके पर पहुंची। अंदर फ्लैट के भीतर बेड से एक महिला का सड़ा गला हुआ शव बरामद हुआ।
मकान मालिक लग रहा था साइको
मकान मालिक विवेकानंद मिश्रा से पूछताछ हुई तो वह अजीबों-गरीब बर्ताव करने के अलावा इधर-उधर की बात करने लगा। शुरुआत में टीम को लगा कि विवेकानंद कोई साइको मरीज है। कई घंटे लगातार पूछताछ हुई तो आरोपी टूट गया। उसने बताया कि इन लोगों ने मिलकर महिला की सोमवार को हत्या कर दी।
ऐसे खुला बेड में मिली महिला की हत्या का राज...
पुलिस की पूछताछ में आरोपी विवेकानंद ने बताया कि महिला का नाम अंजू है, वह पंजाब के लुधियाना की रहने वाली है। इसके माता-पिता लुधियाना में ही रहते हैं। कई साल पहले अंजू की उसके रिश्तेदार युवक आशीष से शादी हुई थी। सभी बिहार के सुपौल के रहने वाले हैं। अंजू अपने पति व रिश्ते के देवर सोनू के साथ सोमवार को दिल्ली घूमने आई थी।
ईंट से हमलाकर की हत्या
विवेकानंद ने बताया कि सोमवार देर रात को ही तीनों ने मिलकर अंजू की ईंट से वारकर हत्या की। बाद में उसका शव एक कंबल में लपेटा। इसके बाद उसे एक बैग में डालकर बेड के बॉक्स में छिपा दिया गया। हत्या की वजहों के बारे में विवेकानंद बार-बार अपने बयान बदल रहा है। वहीं सोनू ने समलैंगिक होने के खुलासे के डर से हत्या की बात स्वीकार की है।
हत्याकांड के बाद आरोपी भाग गए थे जयपुर...
अंजू की सोमवार रात को हत्या करने के बाद विवेकानंद, सोनू और आशीष जयपुर भाग गए थे। वहां एक दिन रुकने के बाद विवेकानंद और सोनू वापस दिल्ली आ गए। आशीष बिहार भाग गया। इस बीच विवेकानंद रोजाना फ्लैट पर पहुंचकर शव वाले बेड पर अगरबत्ती जला रहा था। पड़ोसियों को बदबू आई तो उसने चूहा मरने की बात की।
ट्रेन से पकड़ा गया विवेकानंद
इस बीच शुक्रवार को जब पड़ोसियों ने बदबू की बात की और पुलिस घर पहुंची तो सोनू डर की वजह से बिहार भागने लगा। पुलिस ने देर रात विवेकानंद से पूछताछ के बाद उसे आरपीएफ की मदद से रास्ते में ट्रेन से पकड़ लिया। बाद में उसे दिल्ली लाया गया। सोनू ने सैमलैँगिक रिश्तों की वजह से अंजू की हत्या की बात कही है।
विवेकानंद के पत्नी से नहीं थे अच्छे संबंध...
विवेकानंद पेशे से ट्यूटर है। वह अपने फ्लैट में बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाता है। कई साल पहले विवेकानंद की पत्नी ने उसे छोड़कर पटेल नगर इलाके में रहना शुरू कर दिया था। इसके यहां दो बेटे हैं। विवेकानंद अपना फ्लैट भी बेचना चाहता था। इस बीच सोमवार को इनके गांव के रहने वाले रिश्तेदार आशीष, सोनू और आशीष की पत्नी अंजू वहां पहुंचे।
शोर बचाने पर कर दी हत्या
अंजू को दिल्ली घूमना था। सूत्रों का कहना है कि तीनों को पता था कि वह समलैंगिक हैं। देर रात को अंजू दूसरे कमरे में थी, इस बीच उसकी आंख खुली तो उसने तीनों को अनैतिक कार्य करते हुए देखा। यह देखकर उसने शोर मचाना शुरू किया तो आरोपियों ने उसे पकड़ लिया। बाद में उसकी हत्या कर शव को बैड में डाल दिया।
शव को मेरठ की नहर में लगाना था ठिकाने...
पुलिस की पूछताछ में आरोपी विवेकानंद ने बताया कि हत्या के बाद शव को बैग में डालकर फिलहाल बेड में छिपा दिया। योजना के तहत शव को मेरठ के पास गंग नहर में फेंकना था। वारदात के बाद वह बुरी तरह डर गए और रात को ही फ्लैट छोड़कर जयपुर भाग गए, लेकिन सोनू और विवेकानंद को लगा कि शव को ठिकाने नहीं लगाया तो वह पकड़े जाएंगे। इस वजह से विवेकानंद और सोनू दिल्ली आ गए। रोजाना यह शव को ठिकाने लगाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उनको मौका नहीं मिल रहा था। इस बीच विवेकानंद घर पर अगरबत्ती जलाने के अलावा फिनाइल का पौंछा लगा रहा था। शुक्रवार को राज खुला को सोनू मौके से भाग गया, पुलिस ने विवेकानंद को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद हत्याकांड से पर्दा उठ गया।
पुलिस का बयान आया सामने
हत्या की असली वजहों का खुलासा अंजू के पति आशीष की गिरफ्तारी के बाद हो पाएगा। पुलिस अंजू के परिवार को दिल्ली ला रही है, बाकी तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद तथ्यों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
-नेहा यादव, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, शाहदरा जिला
शव को ठिकाने लगाने के लिए यू-ट्यूब पर देखे गए वीडियो...
पुलिस की पूछताछ में आरोपी विवेकानंद मिश्रा और सोनू ने खुलासा किया है कि वह शव को ठिकाने लगाने के लिए जयपुर से हवाई जहाज में बैठकर दिल्ली पहुंचे। इस बीच यह पहाड़गंज के एक होटल में रुके। इस दौरान यू-ट्यूब पर शव गलाने के लिए केमिकल की तलाश करने लगे। इसके साथ-साथ वह अपने एरिया में दिल्ली जलबोर्ड के गहरे मेनहोल और नालों का भी पता करने लगे, लेकिन उनका भेद खुल गया। सोनू तो ट्रेन पकड़कर बिहार भागने लगा। पुलिस ने जीआरपी की मदद से उसे मगध एक्सप्रेस से अलीगढ़ में ट्रेन से गिरफ्तार कर लिया।
अंजू की मर्जी के बिना लाए दिल्ली...
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि समलैंगिक कारणों के अलावा कुछ न कुछ और कारण भी अंजू की हत्या के लिए जिम्मेदार बने। सोनू और आशीष 21 मार्च को अंजू की बिना मर्जी के उसे घुमाने के बहाने दिल्ली लेकर आए। यहां 23 को उसकी हत्या कर दी। बाद में सभी जयपुर पहुंचे। वहां से आशीष बिहार भाग गया। पुलिस हत्या की असली वजहों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।